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राजस्थान विधानसभा में जमकर मचा बवाल, उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ को सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पारित

15वीं राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र की तीसरी बैठक में सोमवार को भी जमकर बवाल हुआ। विधेयकों को लेकर सदन में जमकर बवाल कटा। भारी हंगामे के बीच उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

राजस्थान विधानसभा में जमकर मचा बवाल, उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ को सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पारित
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राजस्थान विधानसभा सत्र

जयपुर। 15वीं राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र की तीसरी बैठक में सोमवार को भी जमकर बवाल हुआ। विधेयकों को लेकर सदन में जमकर बवाल कटा। भारी हंगामे के बीच उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पारित किया गया। विपक्ष के भारी हंगामें के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

दरअसल एक विधेयक को लेकर आसन की विपक्षी भाजपा के विधायकों से तीखी नोक झोंक हुई। विपक्ष के सदस्यों ने आसन के सामने आकर नारेबाजी की। आसन के बार बार कहने पर भी विधायक अपनी सीटों पर नहीं गए और उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ की विधानसभा अध्यक्ष डा सी पी जोशी से तीखी नोकझोंक हुई।

अध्यक्ष जोशी ने संसदीय मंत्री शांति धारीवाल से राठौड़ को सदन से बाहर करने का प्रस्ताव लाने को कहा। इस पर धारीवाल ने प्रस्ताव रखा, 'मैं प्रस्ताव करता हूं कि राजेंद्र राठौड़ को इस सत्र के आखिर तक बाहर निकाल दिया जाए।' विपक्ष के हंगामे के बीच इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया और अध्यक्ष जोशी ने राठौड़ से सदन से बाहर जाने को कहा और कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब सदन बैठा तो हंगामा जारी रहा।

जोशी ने प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष व विधायक सतीश पूनियां से कहा कि वे अध्यक्ष द्वारा दी गयी व्यवस्था का पालन करते हुए राठौड़ को एक बार बाहर भेजें इसके बाद वह खुद सत्तापक्ष से कहेंगे कि उनका निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव लाया जाए। लेकिन विपक्ष ने उनकी बात एक तरह से अनसुनी कर दी।

इस बीच कई विधेयक पारित किए गए। अध्यक्ष ने लगभग दो बजे विपक्षी सदस्यों से एक बार फिर आसन की व्यवस्था का पालन करने की अपील करते हुए कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले राजस्थान भिखारियों या निर्धन व्यक्तियों का पुनर्वास संशोधन विधेयक 2020 को लेकर भारी हंगामा हुआ।

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