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शिअद ने कृषि कानून के खिलाफ तीन जगह से निकाला जुलूस, अकाली तख्त से बादल ने किया नेतृत्व

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब से लेकर चंड़ीगढ़ तक कृषि कानून के खिलाफ तीन धार्मिक तख्तों से बृहस्पतिवार को जुलूस निकाला। शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में अकाल तख्त से जुलूस का नेतृत्व किया।

शिअद ने कृषि कानून के खिलाफ तीन जगह से निकाला जुलूस, अकाल तख्त से बादल ने किया नेतृत्व
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शिरोमणि अकाली दल

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब से लेकर चंड़ीगढ़ तक कृषि कानून के खिलाफ तीन धार्मिक तख्तों से बृहस्पतिवार को जुलूस निकाला। शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में अकाल तख्त से जुलूस का नेतृत्व किया। वहीं उनकी पत्नी एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बठिंडा के तलवंडी साबो में तख्त दमदमा साहिब से दूसरे जुलूस का नेतृत्व किया। वहीं तीसरा जुलूस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा और दलजीत सिंह चीमा के नेतृत्व में आनंदपुर साहिब के तख्त केशगढ़ साहिब से निकाला गया। यह तीनों जुलूस दिन में चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां शिअद नेृतृत्व पंजाब के राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनौर को कृषि कानून के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपेगे। सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस कृषि कानून को वापस लिया जाए और किसान समुदाय इस 'काले कानून' के खिलाफ है।

अकाली दल के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ने के कुछ दिनों बाद ही कानून के विरोध में शिअद ने 'किसान मार्च' का आयोजन किया है। इससे पहले 17 सितम्बर को हरसिमरत कौर ने संसद में कृषि विधेयकों का लोकसभा में विरोध करते हुए केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी थी। बता दें कि यह तीनों जुलूस दिन में चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां शिअद नेृतृत्व पंजाब के राज्यपाल वी. पी. सिंह बदनौर को कृषि कानून के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपेगे। सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस कृषि कानून को वापस लिया जाए और किसान समुदाय इस 'काले कानून' के खिलाफ है।

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