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कृषि विधेयकों के खिलाफ शिअद ने की घोषणा- 25 सिंतबर को पंजाब में करेंगे चक्का जाम, पार्टी के सभी नेता होंगे मौजूद

भाजपा की पुरानी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मंगलवार को घोषणा की है कि वे संसद से पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ 25 सितंबर को पंजाब में 'चक्का जाम' करेंगे।

कृषि विधेयकों के खिलाफ शिअद ने की घोषणा- 25 सिंतबर को पंजाब में करेंगे चक्का जाम, पार्टी के सभी नेता होंगे मौजूद
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शिरोमणि अकाली दल

संसद में पारित हुए तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ हर तरफ से आवाज बुलंद होने लगी है। एक तरफ जहां किसान इन विधेयकों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक पार्टिंयां भी केंद्र सरकार के खिलाफ के इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं।

भाजपा की पुरानी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मंगलवार को घोषणा की है कि वे संसद से पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ 25 सितंबर को पंजाब में 'चक्का जाम' करेंगे। कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 को रविवार को राज्य सभा में विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच पारित हो गया।

ये विधेयक पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को लोकसभा से पारित हुए थे। राज्य सभा ने रविवार को आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को मंजूरी दी। इसके अलावा किसान उत्पादन व्यापार एवं वाणिज्य (प्रोत्साहन एवं सुविधा) विधेयक 2020 तथा किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन का समझौता एवं कृषि सेवा विधेयक 2020 को भी मंजूरी प्रदान की। इन विधेयकों को पिछले हफ्ते लोकसभा पारित कर चुकी है।

तीन घंटे के लिए सड़क जाम करेंगे

शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि इन विधेयकों के खिलाफ पंजाब में 25 सितंबर को चक्का जाम (सड़क बंद) करने का निर्णय लिया गया है।'' उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं, किसानों और खेतिहर मजदूर राज्य में पूर्वाह्न 11 बजे से शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए सड़क जाम करेंगे। इससे पहले करीब 30 किसान संगठनों ने इन विधेयकों के खिलाफ 25 सितंबर को पूर्ण बंद का आह्वान किया है।

चीमा ने बताया कि पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल 26 सितंबर को राज्य में चार दिवसीय वृहद संपर्क कार्यक्रम शुरू करेंगे जिसमें वे पार्टी कार्यकर्ताओं को बताएंगे कि ये विधेयक कैसे किसान समुदाय पर नकारात्मक असर डालते हैं। चीमा ने कहा कि एक अक्टूबर को पार्टी नेतृत्व पंजाब के राज्यपाल को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपेंगे जिसमें इन विधेयकों को वापस लेने की अपील होगी। शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति से अपील की है कि वह इन विधेयकों को मंजूरी न देकर किसानों और खेतिहर मजदूरों की रक्षा करें।

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