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पंजाब के किसानों ने सचिव के वार्ता के निमंत्रण को किया खारिज, कृषि मंत्री के साथ करना चाहते हैं बातचीत

पंजाब के कई किसान संगठनों ने नये कृषि कानूनों को लेकर बैठक के लिए कृषि विभाग से आये न्यौते को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे इस मुद्दे पर कृषि मंत्री से कम किसी और से बातचीत नहीं करेंगे।

पंजाब के किसानों ने सचिव के वार्ता के निमंत्रण को किया खारिज, कृषि मंत्री के साथ करना चाहते हैं बातचीत
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पंजाब किसान प्रदर्शन्

चंडीगढ़। पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। किसाना इन विधेयकों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई किसान संगठनों ने नये कृषि कानूनों को लेकर बैठक के लिए कृषि विभाग से आये न्यौते को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे इस मुद्दे पर कृषि मंत्री से कम किसी और से बातचीत नहीं करेंगे। आंदोलनरत कृषक संगठनों ने केंद्रीय कृषि सचिव की ओर से आये वार्ता के निमंत्रण को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि किसी अधिकारी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि ये कानून किसानों के लिए फायदेमंद है या नहीं। भारतीय किसान यूनियिन (दकुंडा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जुगिल ने कहा कि वार्ता का निमंत्रण केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से आना चाहिए।

प्रदर्शन में ढील देने की अमरिंदर सिंह की अपील भी की खारिज

संगठनों के प्रतिनिधियों ने 'रेल रोको' प्रदर्शन में ढील देने की मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अपील भी खारिज कर दी। सिंह ने किसान संगठनों के निर्णय को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने राज्य से मालवाहक ट्रेनों को गुजरने देने के लिए प्रदर्शन में ढील देने की अपील की थी। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री को भी कृषि से संबंधित कानूनों को खारिज करने के वास्ते प्रस्ताव पारित करने के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि ऐसा न होने पर वे कांग्रेस नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों का घेराव करेंगे। हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को अल्टीमेटम द्वारा जल्दबाजी भरा कदम उठाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। विभिन्न कृषक संगठन नये कृषि कानूनों के विरोध में पूरे पंजाब में प्रदर्शन कर रहे हैं।

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