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पंजाब के किसानों का कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन जारी, रेल पटरियों को किया अवरुद्ध

पंजाब के किसानों ने केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है और वे अनिश्चितकाल के लिए रेल पटरियों पर बैठे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाये और कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नये कानूनों को वापस नहीं लिया जाता।

पंजाब के किसानों का कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन जारी, रेल पटरियों को किया अवरुद्ध
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पंजाब प्रदर्शन

चंडीगढ़। पंजाब के किसानों ने केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है और वे अनिश्चितकाल के लिए रेल पटरियों पर बैठे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाये और कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नये कानूनों को वापस नहीं लिया जाता। किसानों के कुल 31 संगठन आंदोलन करने के लिए एक साथ आये थे। उन्होंने एक अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रेल पटरियों को अवरूद्ध करने की घोषणा की थी। ढबलान (पटियाला), सुनाम (संगरूर), बुढलाडा (मानसा), गिद्दड़बाहा (मुक्तसर), बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, गुरदासपुर, रूपनगर, फिल्लौर, समरला और मोगा सहित कई स्थानों पर किसानों ने रेल पटरियों को अवरुद्ध किया है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले किसान 24 सितम्बर से अमृतसर और फिरोजपुर में रेल पटरियों पर बैठे हुए हैं। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल के अनुसार, 33 स्थानों पर रेल पटरियों को अवरूद्ध किया गया। किसानों ने राज्य में कुछ कॉरपोरेट घरानों और उनके उत्पादों का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रमुख श्वेत मलिक समेत भाजपा के पांच नेताओं के घरों के बाहर धरना दिया गया। अमृतसर में आंदोलनकारी किसानों ने सरकार के पुतले भी जलाये। फगवाड़ा में पुलिस ने किसानों को केन्द्र मंत्री सोम प्रकाश के आवास की ओर जाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी मंत्री के आवास का घेराव करना चाहते थे।

उधर, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी बोले- विपक्ष नये कृषि कानूनों पर झूठ, भ्रम फैला रहा

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में लागू कृषि कानूनों का बचाव किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल तीनों कानूनों पर दुष्प्रचार कर रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था जारी रहेगी। पुरी ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दुष्प्रचार, झूठ और भ्रम फैलाया जा रहा है कि केंद्र सरकार एमएसपी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है और कृषि क्षेत्र को खोलना चाहती है जिससे हमारे किसान समुदाय को नुकसान होगा। मंत्री ने कहा कि 'झूठ' फैलाया जा रहा है कि बड़े पूंजीपति किसानों की जमीन पर कब्जा कर लेंगे।

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