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बिना एगमार्क लाइसेंस और खाने के तेल में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, जानिए चलने वाला है क्या अभियान

खाद्य तेलों में मिलावट रोकने और खाद्य तेलों की शुद्धता जांचने और एगमार्क लायसेंस प्राप्त किए बगैर खुले में खाद्य तेलों की बिक्री करने वाले लोगों की धरपकड़ करने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मध्यप्रदेश सहित देशभर में अभियान शुरू किया है। एक पखवाड़े तक चलने वाला यह अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। इसके तहत एफएसएसएआई देशभर से खाद्य तेलों के नमूने जांच के लिए एकत्रित करेगा।

बिना एगमार्क लाइसेंस और खाने के तेल में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, जानिए चलने वाला है क्या अभियान
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भोपाल। खाद्य तेलों में मिलावट रोकने और खाद्य तेलों की शुद्धता जांचने और एगमार्क लायसेंस प्राप्त किए बगैर खुले में खाद्य तेलों की बिक्री करने वाले लोगों की धरपकड़ करने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मध्यप्रदेश सहित देशभर में अभियान शुरू किया है। एक पखवाड़े तक चलने वाला यह अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। इसके तहत एफएसएसएआई देशभर से खाद्य तेलों के नमूने जांच के लिए एकत्रित करेगा। यह अभियान एफएसएसएआई को हाइड्रोजनीकृत तेलों में ट्रांस-फैटी एसिड की उपस्थिति की पहचान करने, खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने और बहु स्रोत खाद्य तेलों की हो रही बिक्री की जानकारी हासिल करने में मदद करेगा।

पिछले साल 24.2 फीसदी नमूने हो गए थे फेल

खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र कुमार वर्मा के अनुसार एफएसएसएआई ने पिछले साल भी अभियान चलाकर मध्यप्रदेश सहित देशभर से खाद्य तेलों के नमूने जांच लिए थे। एफएसएसएआई द्वारा लिए गए कुल 4,461 नमूनों में से 2.42 फीसदी नमूने सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। यही नहीं एकत्रित किए गए नमूनों से पता चला था कि भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य तेल बेचा जा रहा है। कुल लिए गए नमूनों में से 24.2 फीसदी नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इस बार एफएसएसएआई ने ज्यादा सैंपल लेने का लक्ष्य रखा है।

राज्य सरकारों को खाद्य तेलों के सैंपल लेने के निर्देश

एफएसएसएआई ने मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया है। एफएसएसएआई ने कहा कि जितने ज्यादा सैंपल लिए जाएंगे, उतना ही ज्यादा विस्तृत सैंपल बेस बनेगा और इससे बिक रहे ज्यादा खाद्य तेल ब्रांडों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

सैंपल फेल होने पर होगी कार्रवाई

एफएसएसएआई ने कहा है कि इस अभियान की रोजाना समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई सर्विलांस सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो तुरंत रेगुलेटरी सैंपल लिया जाए और मिलावटी खाद्य तेल बेचने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। एफएसएसएआई के अनुसार अब तक अभियान के अंतर्गत देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खाद्य तेलए वनस्पति तेल और मल्टी सोर्स इडिबल ऑयल के 279 सैंपल लिए जा चुके हैं।

इनका कहना है-

एफएसएसएआई के पास लोगों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अधिकार है। मिलावटी खाद्य तेलों की बिक्री के साथ-साथ अनिवार्य एगमार्क लाइसेंस के बिना तेलों के अनधिकृत सम्मिश्रण की शिकायतों को अंबार है। निषेध के बावजूद खुले खाद्य तेल की बिक्री के मामले भी सामने आए हैं। तिमाही आंकड़े जो आए है उनमें मिलावटी और गलत ब्रांडेड खाद्य वस्तुओं की अधिकता है। अत: एफएसएसएआई द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप राजधानी भोपाल में प्रशासन की टीम खाने के तेल के नमूने लेने में जुट गई है।

डी.के.वर्मा

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा प्रशासन, भोपाल

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