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सिपाही हार गया खुद से और शरीर से, फिर उठाया यह कदम...

- खंडवा पुलिस लाइन में पदस्थ सिपाही मूलत: इंदौर का रहने वाला। जिंदगी की जंग हार गया सिपाही, लेकिन परिवार की चिंता मन में ले गया। यह सुसाइड नोट जाहिर कर रहा है कि उसे परिवार की बहुत चिंता थी, लेकिन उसने इस नोट में लिखा कि हार गया खुद से और शरीर से। लिखा है कि यह कदम मैं अपनी मर्जी से उठा रहा हूं।

सिपाही हार गया खुद से और शरीर से, फिर उठाया यह कदम...
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सिपाही धनेश्वर सोनेने ने मरने से पहले लिखी यह चिट्ठी

भोपाल। पुलिस के एक सिपाही ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। खंडवा पुलिस लाइन में पदस्थ इस सिपाही ने अपने सरकारी आवास में खुद को फांसी लगाई। उसने मरने से पहले अपने परिवार वालों को और दोस्त को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिखी। यह सुसाइड नोट जाहिर कर रहा है कि उसे परिवार की बहुत चिंता थी, लेकिन उसने इस नोट में लिखा कि हार गया खुद से और शरीर से।

पुष्ट सूत्रों के मुताबिक खंडवा पुलिस लाइन में पदस्थ सिपाही धनेश्वर सोनेने (32) मूल रूप से इंदौर का रहने वाला था। जिसने शनिवार की सुबह 9-10 बजे के बीच अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या की। सुबह 10 बजे पड़ोसियों ने देखा तो इस बारे में पुलिस अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। साथ ही मर्ग कायम करके जांच शुरु कर दी।

सुसाइड नोट मिला :

इंदौर निवासी कांस्टेबल सोनेने के कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें सोनेने ने लिखा है कि यह कदम मैं अपनी मर्जी से उठा रहा हूं। इसका किसी से कोई लेना देना नहीं है। हार गया खुद से और शरीर से। यह कदम उठाना तो नहीं चाहता था पर अकेला पड़ गया था। पापा मुझे माफ करना। मेरे मरने के बाद मिलने वाले पैसों में से आधे सोनू बाबू को दे देना। आपका बेकार बच्चा।

छोटे भाई की चिंता :

सिपाही सोनेने को मरते वक्त अपने छोटे भाई की चिंता थी। उसने दोस्त आबिद के लिए लिखा कि आबिद वॉशिंग मशीन और गाड़ी मेरे भाई को दे देना।

रूम से सामान मंगवा लेना :

मरते-मरते भी सिपाही को अपने परिवार की चिंता तो थी। क्योंकि सुसाइड नोट में उसने यहां तक लिखा है कि रूम से सामान मंगवा लेना। यह भी लिखा है कि हो सके तो मेरी अंतिम इच्छा पूरी कर देना।

पुलिस जुटी जांच में :

सिपाही की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच में जुट गई है। मर्ग जांच चल रही है कि आखिर वे क्या परिस्थितियां रहीं, जिनमें सिपाही ने यह कदम उठाया, जिसे वह उठाना नहीं चाहता था, लेकिन उसने उठाया। खुद से हार गया, शरीर से हार गया तो क्या कहीं उसे कोई बीमारी थी या वह काम का बोझ नहीं सह पा रहा था, आखिर उसकी आत्महत्या का मूल कारण क्या है, इसकी जांच खंडवा पुलिस ने तेज कर दी है।

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