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मंत्रिमंडल विस्तार पर फंसा पेंच, शिवराज की भोपाल वापसी टली

ग्वालियर से अचानक दिल्ली पहुंचे नरोत्तम मिश्रा, मोदी, शाह, सिंधिया व तोमर से मिले शिवराज, अब एक जुलाई को मंत्रिमंडल विस्तार संभव

मंत्रिमंडल विस्तार पर फंसा पेंच, शिवराज की भोपाल वापसी टली

भोपाल. दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ रविवार को देर रात तक दो घंटे की बैठक हुई। सोमवार को दिन भर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य नेताओं से लंबी चर्चा का दौर चला। फिर भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार की गुत्थी नहीं सुलझ सकी। कुछ नामों पर अब भी पेंच फंसा है। इन्हें लेकर शिवराज एवं संगठन के बीच सहमति नहीं बन पाई।

इसे सुलझाने के लिए शिवराज की भोपाल वापसी टल गई। शिवराज के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत भी हैं। तीनों सोमवार रात भी दिल्ली में रहेंगे। मंगलवार को फिर एक दौर की चर्चा में विवाद वाले नामों पर सहमति बनाने की कोशिश होगी। अब मंत्रिमंडल विस्तार 1 जुलाई को किया जा सकता है। शपथ ग्रहण के लिए मिंटो हाल को चुना गया है।

मंत्रियों के नाम तय करने में नरोत्तम मिश्रा भी शामिल

प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का दिल्ली जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था। वे भिंड जिले के दौरे पर थे। सोमवार की सुबह सारे निर्धारित कार्यक्रम छोड़कर वे ग्वालियर से दिल्ली पहुंच गए। सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हुई हर चर्चा में शामिल रहे। शिवराज, वीडी एवं सुहास की रविवार को ही अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष तथा नरेंद्र सिंह तोमर से लंबी बातचीत हो चुकी थी।

सोमवार को हुई दूसरे दौर की चर्चा

सूत्रों का कहना था कि रविवार देर रात अमित शाह के साथ बैठक में मंत्रियों के नामों पर मुहर लग गई। पर मंगलवार को फिर नए सिरे से कसरत हुई। शिवराज सहित प्रदेश के नेताओं ने अमित शाह एवं प्रमुख नेताओं के साथ बैठकर चर्चा की। शिवराज सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिले। खबर है कि फिर भी पेंच फंसा है। इसके कारण सभी को दिल्ली में ही रुक जाना पड़ा।

समर्थन दे रहे अन्य विधायकों पर आज फैसला

सूत्रों का कहना है कि सिंधिया खेमे एवं भाजपा की ओर से मंत्री बनने वाले नाम लगभग फाइनल हैं लेकिन सरकार को समर्थन दे रहे बसपा, सपा एवं निर्दलीय विधायकों के बारे में फैसला अभी शेष है। उनमें से कम से कम चार मंत्री बनने की उम्मीद पाले हैं। इस पर मंगलवार को निर्णय हो सकता है। यदि इनमें से कुछ को मंत्री बनाने का निर्णय हुआ तो भाजपा कोटे में और कटौती हो सकती है।

25 मंत्री ले सकते शपथ, 26 वाहन तैयार

पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में 25 मंत्री शपथ लेंगे और 4 पद रिक्त रखे जाएंगे। इनमें से 9-10 मंत्री सिंधिया खेमे के पूर्व विधायक होंगे जबकि भाजपा के कोटे से 15-16 मंत्री शपथ लेंगे। बसपा, सपा एवं निर्दलीयों में से कुछ मंत्री बने तो भाजपा के उतने की मंत्री और घट जाएंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार मंत्रियों के लिए 26 वाहन तैयार कर रखे गए हैं।

आनंदी, ज्योतिरादित्य का दौरा टला

उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को भोपाल आकर मप्र के प्रभारी राज्यपाल का दायित्व संभालने वाली थीं लेकिन उनका दौरा टल गया। वे कब आएंगी, राजभवन के पास अभी कोई कार्यक्रम नहीं आया। इससे भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार एक जुलाई से पहले नहीं होगा। शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने ज्योतिरादित्य सिंधिया भी 30 जून को भोपाल आने वाले थे, उनका दौरा भी रद्द हो गया।

इन नामों पर फंसा पेंच

मुख्यमंत्री, संगठन एवं संघ के बीच जिन नामों पर पेंच फंसने की सूचना है, उनमें गोपाल भार्गव या भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग या रामेश्वर शर्मा, अजय विश्नाई या अशोक रोहाणी, हरिशंकर खटीक या बृजेंद्र प्रताप सिंह, गौरीशंकर बिसेन या रामकिशोर कांवरे, पारस जैन या चेतन कश्यप, ऊषा ठाकुर या रमेश मैंदोला, रामपाल सिंह या सुरेंद्र पटवा के अलावा अरविंद भदौरिया के नाम पर भी विवाद है। मंगलवार को चर्चा कर इन पर सहमति बनाई जाएगी।

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