Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

संपदा टू में लागू होगी प्रॉपर्टी की आईडी, रुकेगी स्टांप चोरी

ऐप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन के लिए जिले की 3897 लोकेशनों पर जियो टैगिंग की जा रही है। जियो टैगिंग का काफी काम हो चुका था, लेकिन वर्ष 2022-23 की नई कलेक्टर गाइडलाइन में 441 लोकेशन नई जोड़ने के साथ 351 लोकेशन विलोपित की गईं।

संपदा टू में लागू होगी प्रॉपर्टी की आईडी, रुकेगी स्टांप चोरी
X

साढ़े छह लाख प्रॉपर्टी की आईडी बनकर तैयारी, ढाई लाख की शेष

भोपाल। ऐप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन के लिए जिले की 3897 लोकेशनों पर जियो टैगिंग की जा रही है। जियो टैगिंग का काफी काम हो चुका था, लेकिन वर्ष 2022-23 की नई कलेक्टर गाइडलाइन में 441 लोकेशन नई जोड़ने के साथ 351 लोकेशन विलोपित की गईं। ऐसे में नए सिरे से पॉलीगोन ड्रॉ किए जा रहे हैं। ताकि ऐप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन में समानता बरकरार रहे। पंजीयन अफसरों का दावा है कि वे ऐप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन को सम्पदा टू में लागू कर देंगे, लेकिन सम्पदा टू कब तब लॉन्च होगा। इसकी जानकारी अभी अफसर देने से बच रहे हैं।

नगर निगम सीमा हो या पंचायत या फिर बैरसिया नपा, हर एक प्रॉपर्टी की आइडी जरूरी है। क्योंकि ऐप आधारित कलेक्टर गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री बिना आइडी के नहीं होगी। आइडी की मदद से ही पता चलेगा कि फ्लैट किस माले पर है, ड्यूप्लेक्स है तो उसकी लोकेशन सड़क पर या इससे हटकर है। आईडी में हर प्रॉपर्टी का एरिया, उसकी लोकेशन, किस फ्लोर पर है, इसकी जानकारी होती है।

- नगर निगम के 85 वार्डों में पांच लाख पॉपर्टी

नगर निगम सीमा के 85 वार्डों में ही करीब पांच लाख के लगभग प्रॉपर्टी हैं। इसमें से निगम करीब 3.25 लाख प्रॉपर्टी की आइडी ही तैयार कर पाया है। इधर पंचायत, बैरसिया नपा को मिलाकर करीब 1.50 लाख प्रॉपर्टी और हैं। इस तरह जिले में करीब 6.50 लाख के लगभग प्रॉपर्टी हैं। इन सभी प्रॉपर्टी की आईडी बनाई जाएगी। जिले की बात करें तो अभी 2.70 लाख प्रॉपर्टी की आइडी बनना बाकी हैं।

- यह होगा फायदा

- इसमें आम आदमी अपनी जमीन पर खड़े होकर आसानी से उस स्थान के रेट पता कर सकेगा, इसके लिए ही हर लोकेशन की जियो टैगिंग की जा रही है।

- हर प्रॉपर्टी की आईडी बनने से खरीद फरोख्त में फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा, नामांतरण में आसानी होगी।

- अभी कॉर्नर के प्लॉट की रजिस्ट्री अंदर का प्लॉट बताकर हो जाती है, आईडी बनने के बाद ये नहीं होगा।

. प्रॉपर्टी टैक्स भरने में आसानी रहेगी, नगर निगम के सॉफ्टवेयर पर आईडी की मदद से प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकेंगे

और पढ़ें
Next Story