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MP : खनिज ब्लॉक्स की नीलामी पूरी, 600 करोड़ की होगी आय

तीन महीने बाद 17 और खनिज ब्लाक होंगे नीलाम, अब कोयला के साथ बॉक्साइट खदानें भी। पढ़िए पूरी खबर-

MP : खनिज ब्लॉक्स की नीलामी पूरी, 600 करोड़ की होगी आय
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भोपाल। प्रदेश के 13 खनिज ब्लॉक की नीलामी पूर्ण कर ली गई है। इनसे राज्य सरकार को 600 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। जबकि 17 अन्य खनिज ब्लॉक की नीलामी के लिए तीन महीने बाद टेंडर जारी किए जाएंगे, जिनसे लगभग एक हजार करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। इनके अलावा प्रदेश में 66 खनिज ब्लॉक के लिए सर्वे कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज 4 के संबंध में यह निर्देश औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा खनिज विभाग की कार्य योजना बैठक के दौरान दिए। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह, खनिज साधन एवं श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह मंत्री, वाणिज्य कर एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अपर मुख्य सचिव वित्त मनोज गोविल, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला व अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

रियल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश में उद्योग और खनिज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योगों को आकर्षित करने एवं निवेश के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बहुत आवश्यक है, परंतु अक्सर इसका दिखावा होता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि मध्य प्रदेश में रियल इज आॅफ डूइंग बिजनेस हो जिससे निवेशक यहां बिना किसी परेशानी के अपने उद्योग स्थापित कर सकें, सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।

खनिज राजस्व में होगी ढाई गुना वृद्धि

भारत सरकार की नई खनिज नीति के चलते प्रदेश की खनिज आय में लगभग ढाई गुना तक वृद्धि होगी। अभी यह लगभग 5000 करोड रुपए है, जो बढ़कर 12,000 करोड रुपए के लगभग हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न केवल कोयला बल्कि अन्य खनिजों के उत्खनन संबंधी ऐसी योजना बनाएं, जिससे प्रदेश को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिले।

कोयले के साथ नीलाम होंगी बॉक्साइट खदानें

आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत केंद्र ने अब कमर्शियल माइनिंग का प्रावधान किया गया है, जो उद्योग एवं व्यवसाय के लिए उपयोगी होगा। इसके तहत कोयला खदानों के साथ बॉक्साइट की संयुक्त नीलामी की जा सकेगी, जिससे उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। प्रदेश में कोयले के साथ ही बॉक्साइट भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। राज्य सरकार ने खनिज संपदा के दोहन में तेजी लाने का निर्णय किया है। इससे शासन को राजस्व तो प्राप्त होगा ही, रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

11 कोयला खदानों के टेंडर जारी

कोयला क्षेत्र में सुधार की भारत सरकार की नीति के तहत अब कोई भी पार्टी कोल ब्लॉक के लिए बोली लगा सकेगी तथा कोयला खुले मार्केट में विक्रय किया जा सकेगा। इससे प्रतियोगिता बढ़ने से बंद पड़ी खदानें चालू होंगी, नई खदानें शुरू होंगी तथा कोयले के दाम कम होने से पावर, एलुमिनियम एवं स्टील सेक्टर को लाभ होगा। भारत सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए कोल खदानों के टेंडर में देश की 41 कोयला खदानों को शामिल किया गया है जिनमें प्रदेश की 11 कोयला खदानें शामिल हैं। इसकी ड्यू डेट 18 अगस्त रखी गई है।

कोल-बैड मीथेन के दोहन की नीति बनेगी

राज्य सरकार कोल्ड बैड मीथेन के दोहन की नीति बनाएगी। इसके साथ ही कोयले के गैसीकरण एवं तरलीकरण के उद्योग लगाने की योजनाएं भी तैयार होंगी। इससे पर्यावरण को हानि से बचने के साथ इनका परिवहन भी आसान होगा।

अधोसंरचना विकास के लिए मिलकर प्रयास करेंगे विभाग

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिये औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, लोक निर्माण, ऊर्जा विभाग, जल निगम तथा नगरीय प्रशासन विभाग मिलकर अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने प्रयास करेंगे।

औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों के उन्नयन के कार्य

प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों के उन्नयन के प्रस्ताव तैयार किये जा रहे हैं। अगले 4-5 वर्षों में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें चंबल प्रोग्रेस-वे तथा इंदौर-भोपाल इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के आसपास 2-2 हजार हेक्टेयर तथा 19 नये चिन्हित औद्योगिक क्षेत्रों में 1910 हेक्टेयर भूमि के विकास के प्रस्ताव शामिल है। पीथमपुर में सेक्टर 4 व 5 में 587 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया जारी है।

फार्मास्युटिकल क्षेत्र में निवेश

प्रदेश में फार्मा पार्क की स्थापना के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की कार्यवाई प्रारंभ कर दी गई है। फार्मास्युटिकल, ड्रग और उपकरण निमातार्ओं से चर्चा कर निवेश के प्रयास किये जा रहे हैं। फार्मा पार्क की स्थापना के लिये 1500 से 2000 हेक्टेयर भूमि चिन्हित करने की कार्यवाही भी की जा रही है। इस उद्योग से प्रदेश के लगभग 40 से 50 हजार व्यक्ति यों को रोजगार प्राप्त होगा।

डिफेंस पार्क की स्थापना

राज्य सरकार प्रदेश में डिफेंस पार्क की स्थापना के लिये भी निवेशकों से चर्चा कर रही है ताकि डिफेंस क्षेत्र में भी निवेश को आकर्षित किया जा सके। प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों, पार्कों की जीआईएस मेपिंग का कार्य भी 31 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जायेगा।

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