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घर पर खोल रखी थी टकसाल, लाखों के नकली नोटों के साथ दो गिरफ्तार

कलर प्रिंटर से नकली नोट छापकर बाजार में चलाते थे दोनों बदमाश, 2 लाख 37 हजार के नकली नोट किए जब्त। पढ़िए पूरी खबर-

घर पर खोल रखी थी टकसाल, लाखों के नकली नोटों के साथ दो गिरफ्तार
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देवास। पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बताया जा रहा है कि मुफलिसी के दिन काट रहे दो युवकों ने नकली नोट छापने प्लान बनाया था। पुलिस ने दोनों के पास से 500, 200 और 100 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 489 ए,489बी, 489सी और 489 डी में प्रकरण दर्ज किया है।

मामला बीएनपी थाना क्षेत्र का है। एसपी शिव दयाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बीएनपी टीआई मुकेश इजारदार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लोग उज्जैन रोड पर विजयगंज मंडी ब्रिज के पास नकली नोट चला रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दीपक पिता कृष्ण मोहन श्रीवास्तव 22 वर्ष निवासी गर्ग स्टेट और रोहित पिता संतोष परमार 24 वर्ष निवासी बावडिया को पकड़ा। मौके पर दीपक की तलाशी लेने पर 500 रुपए के 100 नोट, 200 रुपए के 100 नोट मिले, जो असली नोट की तरह दिख रहे थे। रोहित परमार के तलाशी लेने पर 200 रुपए के 100 नोट मिले दोनों आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की तो दीपक ने बताया कि गर्ग स्टेट बावडिया में उसका घर है। घर पर ही कलर प्रिंटर, फोटोकॉपी स्केनर से नकली नोट छापता था और अपने साथियों के साथ मिलकर बाजार में नकली नोटों को चलता था।

पुलिस ने दीपक के घर और उसके पास से कुल 2000 रुपए के 39 नोट, 500 रुपए के 200 नोट, 200 रुपए के 195 नोट जो कि नकली है। साथ ही 1प्रिंटर, 1 पेपर कटर, फोटो कॉपी स्केनर मशीन और नकली पेपर बनाने के कागज भी जब्त किए है। पुलिस ने एक बाइक भी जब्त की है। पुलिस ने दोनों के पास 2 लाख 37 हजार के नोट जब्त किया है।

पुलिस दोनों आरोपियों से नोट चलाने को लेकर पूछताछ कर रही है साथ ही अन्य साथियों के भी शामिल होने को लेकर जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि लगभग 6 महीने से दोनों नकली नोट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुके थे। आरोपियों का कहना है कि नकली नोट करीब 1 महीने से बाजार में चला रहा है। नकली नोट बनाने का मास्टरमाइंड गर्ग टेट में रहने वाला दीपक श्रीवास्तव है। दीपक ने एमकॉम तक पढ़ाई की है वही दूसरा युवक रोहित परमार 10वीं वीं फेल है।

दोनो युवकों को जब कोई रोजगार नहीं मिल रहा था और मुफलिसी के दिन काट रहे थे तो दोनों ने मिलकर नकली नोट छापने प्लान बनाया नकली नोट छापने का मास्टरमाइंड युवक ने एमकॉम किया है। उसने अपने घर पर ही 2000, 500, 200 के नोट छापना शुरू कर दिया। नोट छापने के बाद दोनों पेट्रोल पंप सब्जी मंडी जैसी जगहों पर नकली नोट को चलाते थे। लेकिन मंडी में नकली नोट चलाते हुए इन लोगों पर शंका हुई और बात पुलिस तक पहुंच गई, जिसके बाद बीएनपी थाना पुलिस ने नकली नोट बाजार में चलाते हुए दो बदमाशों को पकड़ा है।

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