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सोशल मीडिया पर कंगना के लिए अपशब्द कहना गलत, आप तर्क दे सकते हो, लेकिन महिला कलाकार को अपशब्द नहीं कह सकते

भारत भवन में संस्कृति और प्रकृति महोत्सव में लोक गायन प्रस्तुति देने आई मालिनी अवस्थी से हरिभूमि की खास चर्चा

सोशल मीडिया पर कंगना के लिए अपशब्द कहना गलत, आप तर्क दे सकते हो, लेकिन महिला कलाकार को अपशब्द नहीं कह सकते
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भोपाल। स्वतंत्रता के ऊपर कंगना के दिए बयान पर जो बवाल मचा है खासकर सोशल मीडिया पर जिस तरह से उन्हें ट्रोल किया जा रहा है, वह सरासर गलत है क्योंकि जब एक महिला कलाकार अपने विचार व्यक्त करती है तो वो बुरी तरह से सोशल मीडिया पर ट्रोल की जाती है, आप उनसे तर्क कर सकते हो अपना पक्ष रख सकते हो लेकिन आप उन्हें अपशब्द नहीं कह सकते। यह कहना है भारत भवन में प्रस्तुति देने आई लोक गायिका मालिनी अवस्थी का। हरिभूमि से चर्चा में मालिनी ने कहा कि मेरे लिए तो स्वतंत्रता 1947 से बल्कि उससे पहले से ही है जब हमने स्वशासन की मांग की।

भारत रत्न मिलने के बाद मोदी की तारीफ करने पर लता से भी भारत रत्न वापिस लेने की मांग की गई थी

कंगना से पद्मश्री वापस लेने की बात के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक बार लता मंगेशकर ने भी मोदी के लिए कहा था कि आप को पीएम बनना चाहिए और तब उनसे भारत रत्न वापस लेने की बात की जा रही थी। तो यह सब फिजूल की बातें हैं।

ताली बटोरने के लिए अपना स्तर गिराना सरासर गलत व अनुचित है

मालिनी का कहना है कि कॉमेडियन वीर दास के द्वारा इस तरह से दो भारत की बात कहना सरासर गलत है क्योंकि जब हम विदेशों में जाते हैं तो बहुत सोच समझकर बोलते हैं क्योंकि हमारा कहा हमसे नहीं बल्कि हमारे देश से जुड़ा हुआ माना जाएगा और इस तरह से ताली बटोरने के लिए अपना स्तर गिराना अपने देश की निंदा करना सरासर गलत व अनुचित है।

प्राचीन संस्कृति वर्तमान का आईना है

मालिनी अवस्थी का कहना है कि मैं भोपाल आने के क्रम में भीम बेटिका गई और वहां हजारों वर्षों पहले की संस्कृति देखी, जिसमें गुफा नंबर 6 में हाथों में हाथ लिए ट्रायबल जोड़ा नृत्य कर रहा है, जो हमें आज भी देखने को मिलती है, इससे पता चलता है कि दौर बदला नहीं है। प्राचीन संस्कृति आज का आईना है।

थलाइवी फिल्म में भाग्यश्री ने जो रोल निभाया, उसका आॅफर पहले मुझे आया था

हाल ही में रामलीला में शबरी का रोल निभाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि 2008 में एकता कपूर ने एक सीरियल के लिए मुझे लीड रोल दिया था, जिसके लिए मैंने मना कर दिया। इसके बाद कई फिल्मों के भी आॅफर आए। अभी हाल ही में आई कंगना अभिनीत थलाइवी में मुझे भाग्यश्री के रोल का आॅफर भी आया लेकिन मैंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि शबरी के रोल हां किया तो लोगों ने कहा कि इसमें तो कोई ग्लैमर नहीं है।

शबरी का रोल निभाकर लगा ही नहीं कि मैंने अभिनय किया है

शबरी रोल पर मेरा यह मानना है कि उत्तर भारत में पट चित्र में राम लक्ष्मण के साथ शबरी का ही रूप का वर्णन है और तपस्विनी के रूप में शबरी को देखते हैं और यह रोल निभाते समय मुझे लगा ही नहीं कि मैं अभिनय कर रही हूं क्योंकि मैं शबरी का किरदार मेरे भीतर रच बस गया है क्योंकि उनके ऊपर बने गीतों को मैं कई बार गा चुकी हूं।

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