Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

नौकरी से निकले जाने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने खोला मोर्चा, सरकार पर भेदभाव का आरोप

सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए संविदा पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती की थी। पढ़िए पूरी खबर-

नौकरी से निकले जाने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने खोला मोर्चा, सरकार पर भेदभाव का आरोप
X

दमोह। मध्यप्रदेश में नौकरी से निकाले जाने की घोषणा के बाद कोविड स्वास्थ्य कर्मियों में भारी आक्रोश का माहौल है। इसी कड़ी में दमोह में कोविड स्वास्थ्य कर्मियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदेश सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि- छह माह पहले जब कोरोना संक्रमण की वजह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही थी तो इस दौरान सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए संविदा पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती की थी लेकिन जब यह संक्रमण धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो रहा है। तब सरकार ने इन स्वास्थ्य कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का आदेश जारी कर दिया। इस बात से नाराज कोविड स्वास्थ्य संगठन के सदस्यों ने आज एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा।

कलेक्ट्रेट पहुंचे कोविड 19 स्वास्थ्य संगठन के सदस्यों ने बताया कि- जब कोराना संक्रमण चरम पर था और लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। ऐसे समय में उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी अब यह संक्रमण धीरे धीरे कम हो रहा है, लेकिन उसके बाद भी खतरा बना हुआ है तब सरकार ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया, यह सरासर अन्याय है। एक तरफ तो सरकार रोजगार नहीं दे रही है वहीं दूसरी तरफ वह हमसे रोजगार छीन रही है।

मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन के बाद सभी सदस्यों ने यह मांग उठाई के यह आदेश वापस लिया जाए और उन्हें नौकरी पर यथावत रखा जाए।

सिंगरौली जिले में भी काम कर रहे सैकड़ों स्वास्थ्य संविदाकर्मियों मे सरकार द्वारा छटनी किये जाने से काफी आक्रोश है। जिला अस्पताल के सामने आज एकजुट होकर सरकार के फैसले से नाराजगी जाहिर की उनकी मांग है कि बीते 6 महीने से कोविड 19 जैसे महामारी में सभी लोग बतौर कोरोना योद्धा बनकर काम कर रहे थे और फार्मासिस्ट, लैब टेकनीशियन, स्टॉफ नर्सो ने कोविड 19 जैसी महामारी में अपनी जान जोखिम के डालकर सेवाएं दे रहे थे लेकिन अब सरकार की प्राथमिकता बदल गई जबकि सिर्फ 50 प्रतिशत लोगो की ही छंटनी हुई है।

बता दें कि सरकार ने कोविड 19 के दौरान फार्मासिस्ट, एएनएम व सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति की थी, जिन्हें दो दिन पहले आधी संख्या करने का आदेश सरकार ने जारी किया है।

Next Story