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ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस आग हादसे की फोरेसिंक जांच से होगा खुलासा

ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस आग हादसे की फोरेसिंक जांच से होगा खुलासा
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विनोद त्रिपाठी . भोपाल

राजस्थान की सीमा पार कर मध्यप्रदेश में प्रवेश करते ही चंबल के बीहड़ों सुलग उठीं ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की बोगियों में आखिर इतनी भीषण आग कैसे लगी, इसकी जांच रेलवे ने तेज कर दी है। दिल्ली से दुर्ग जा रही इस एक्सप्रेस के एसी कोच ए-2 में भड़की आग ने ए-1 कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया था। आग तब लगी जब शुक्रवार को दोपहर इस ट्रेन ने 3.10 बजे मुरैना जिले की सीमा में प्रवेश किया था। चंबल के बीहड़ी इलाके में यह ट्रेन 10 मिनट से अधिक समय तक जलती हुई दौड़ी थी। दोनों बोगियों से आग की लपटें बाहर आ रही थीं, बाकी बोगियों में भी धुंआ भर रहा था। फिर हेतमपुर रेलवे स्टेशन पर इस गाड़ी की आग 20 दमकलों से बुझाई गई। यह आग ए-2 कोच के टॉयलेट में बिजली के शार्ट सर्किट से लगना होना माना जा रहा था, लेकिन शनिवार को आग लगने की घटना की जांच करने के लिए रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खां पहुंचे। उन्होंने एफएसएल से जांच शुरू कराई है। अब जांच विभिन्न ऐंगल पर हो रही है। जिसमें अधजली सिगरेट व विस्फोटक सामग्री के ऐंगल भी शामिल किए बताए जाते हैं। अधिकृत रूप से रेलवे ने अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा है।

शनिवार सुबह 8.30 बजे रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खां स्पेशल ट्रेन से हेतमपुर पहुंचे। यहां उन्होंने 3 घंटे तक रेलवे के दोनों जले हुए कोच का बारीकी से मुआयना किया। वहीं फोरेंसिक जांच के लिए दोनो बोगियों के सैंपल लिए गए, जिन्हें फोरेंसिक लैब सागर भिजवाया जाएगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट है या किसी ज्वलनशील चीज की वजह से आग लगी।

यह अधिकारी आए मौके पर :

- सीआरएस मोहम्मद लतीफ खां, डीआरएम आशुतोष, आरपीएफ कमांडेंट आलोक कुमार, डीआईजी आरएसटी सिंह सहित झांसी-लखनऊ से आई तकनीकी टीम के साथ सुबह 8.20 बजे हेतमपुर पहुंच गए।

- यहां उन्होंने ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस के ए-2 कोच के अंदर बाथरूम देखी, जहां से आग भड़की। इसके बाद उन्होंने ए-2 कोच के साथ ए-1 कोच की वायरिंग सहित अन्य चीजों का बारीकी से मुआयना किया। दोनों कोच से फोरेसिंक जांच के लिए कई सैंपल भी लिए गए।

प्रथम दृष्टया मान रहे शॉर्ट सर्किट से आग :

ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच करने आए मुख्य सुरक्षा आयुक्त सहित रेलवे के अधिकारी बातचीत से बचते रहे, लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो अफसर आग लगने की प्राथमिक वजह शॉर्ट-सर्किट ही मान रहे हैं। फिर भी धू्म्रपान अन्य किसी वजह से आग लगी होगी तो फोरेंसिक जांच में इसका खुलासा हो जाएगा।

यह भी जानिए इस मामले में :

- एसएफएल अधिकारी डॉ. अर्पिता सक्सेना ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ जले व अधजले तार मिले हैं।

इस तरह भड़की आग :

- ए-2 कोट में आग टॉयलेट के बगल में लगे इलेक्ट्रिकल पैनल में लगी, उसके बाद हवा से वह बोगी में भड़क गई।

- यहां से आग सीटों में लग गई। सीटें फोम की होने से आग तेजी से फैलने लगी।

- जानकारों की मानें तो अगर ट्रेन रुक जाती, तो शायद आग नहीं भड़क पाती।

- बोगियों में यात्रियों का सामान जल गया है। मौके पर जला हुआ सामान जांच टीम को मिला है।

इस तरह हो रही जांच :

- जांच की शुरूआत उस टॉयलेट से हुई, जिसके इलेक्ट्रॉनिक पैनल में आग लगी थी।

- शॉर्ट सर्किट किस कारण हुआ? आग किसी यात्री की गलती से तो नहीं लगी?

- किसी यात्री ने पैनल बॉक्स से छेड़छाड़ तो नहीं की? इन बिंदुओं पर जांच की गई।

मीडिया से बात करने से बचते रहे इंजीनियर :

- रेलवे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जांच करने पहुंचे, लेकिन मीडिया के सामने आने से कतराते रहे।

- जीआरपीएफ के डीआईजी आरएसपी सिंह भी मीडिया के सामने आने से कतराते रहे।

- सीआरएस मोहम्मद लतीफ बोगी से बाहर तक नहीं निकले और न मीडिया से रूबरू हुए।

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