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बड़े बेटे ने सताया तो मां के लिए मझले बेटे ने छोड़ दी सीआईएसएफ की नौकरी

अस्सी साल की बुजुर्ग मां को सताने वाले बड़े और छोटे बेटों को अब मकान से बेदखल होना पड़ेगा। मां की देखभाल नहीं करने पर मझले बेटे ने सीआईएसएफ की नौकरी छोड़कर मां की सेवा करने का बीड़ा उठाया है।

बड़े बेटे ने सताया तो मां के लिए मझले बेटे ने छोड़ दी सीआईएसएफ की नौकरी
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दो बेटों को घर से बेदखल करने के आदेश

भरण पोषण के तहत गोविंदपुरा एसडीएम ने सुनाया फैसला

भोपाल। अस्सी साल की बुजुर्ग मां को सताने वाले बड़े और छोटे बेटों को अब मकान से बेदखल होना पड़ेगा। मां की देखभाल नहीं करने पर मझले बेटे ने सीआईएसएफ की नौकरी छोड़कर मां की सेवा करने का बीड़ा उठाया है। घर के आए दिन के झगड़ों से परेशान बुजुर्ग महिला ने एसडीएम गोविंदपुरा मनोज वर्मा के यहां भरण पोषण के तहत आवेदन किया। एसडीएम सुनवाई के बाद बड़े और छोटे बेटे को घर से बेदखल करने का आदेश सुनाया है। वहीं मझले बेटे की तारीफ की।

मीरा नागदेव पत्नी स्व. वासुदेव नागदेव निवासी अंबेडकर नगर पुराना सुभाष नगर ने एसडीएम के यहां भरण पोषण के तहत आवेदन करते हुए बताया कि उसका बड़ा बेटा अनिल नागदेव औद्योगिक विकास निगम सीहोर में कार्यरत है। छोटा बेटा मनोज नागदेव पंचायत विभाग में कार्यरत हैं। मझला बेटा सुनील नागदेव सीआईएसएफ में जॉब करता था, लेकिन मेरी सेवा करने के लिए वह नौकरी छोड़कर परिवार सहित लौट आया। बुजुर्ग ने बताया कि बड़ा और छोटा बेटा दोनों पहले बाहर रहते थे। उनके हिस्स को किराए से उठाकर वह 15 हजार रुपए किराया लेती थीं, जिससे घर के खर्च चलते थे। लेकिन कुछ समय से दोनों घर में आकर रहने लगे। इससे किराया बंद हो गया। दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए एसडीएम ने बड़े और छोटे बेटे को घर से बेदखल करने का आदेश सुनाया है। मनोज को भवन की रजिस्ट्री वापस करने के निर्देश भी दिए हैं।

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