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जुगाड़ से तैयार ई-व्हीकल की सवारी पड़ रही भारी, चायनीज लिथियम बैटरी हो रही ब्लास्ट, जानिए क्या है इसकी वजह

राजधानी सहित देशभर में सड़क पर सरपट दौडऩे वाले ई-व्हीकल किसी फटने वाले बम से कम नहीं हैं। मध्यप्रदेश में ई-व्हीकलों में तेजी आगजनी की घटनाएं सामने आ रही है। इसकी मुख्य वजह असंगठित क्षेत्र की कंपनियों द्वारा चायनीज लिथियम बैटरियों का इस्तेमाल करना है। चायनीज बैटरी सिर्फ 23 से 24 डिग्री टेम्परेचर में ही उपयोग की जाती है,लेकिन भीषण गर्मी और बिजली के घटते-बढ़ते वोल्टेज से चायनीज बैटरियों में आग लगने की घटनाएं अब आम होने लगी है।

जुगाड़ से तैयार ई-व्हीकल की सवारी पड़ रही भारी, चायनीज लिथियम बैटरी हो रही ब्लास्ट, जानिए क्या है इसकी वजह
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भोपाल। राजधानी सहित देशभर में सड़क पर सरपट दौडऩे वाले ई-व्हीकल किसी फटने वाले बम से कम नहीं हैं। मध्यप्रदेश में ई-व्हीकलों में तेजी आगजनी की घटनाएं सामने आ रही है। इसकी मुख्य वजह असंगठित क्षेत्र की कंपनियों द्वारा चायनीज लिथियम बैटरियों का इस्तेमाल करना है। चायनीज बैटरी सिर्फ 23 से 24 डिग्री टेम्परेचर में ही उपयोग की जाती है,लेकिन भीषण गर्मी और बिजली के घटते-बढ़ते वोल्टेज से चायनीज बैटरियों में आग लगने की घटनाएं अब आम होने लगी है। एक्सपर्ट मानते हैं कि 40 से 45 डिग्री में चाइनीज बैटरी में आग और ब्लास्ट की संभावना 95 फीसदी तक बढ़ जाती है। दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आने से असंगठित क्षेत्र की कंपनियों ने चायनीज कंम्पोनेंट और बैटरियों का आयात करना बंद नहीं किया है।

ई-व्हीकल से डरने लगे लोग

ई-व्हीकल में आगजनी की घटनाएं आए दिन समाने आने से लोग अब डरने लग गए है। इतना ही इसी सवारी से भी किनारा काट रहे हैं। ई -व्हीकल खरीदने का मन बनाने वाले लोगों का मोह इससे भंग होने लगा है। खरीदार अब रूकों, इंतजार करों और देखों को पद्धति अपनाने लगे है। गौरतलबल है कि पिछले कुछ दिनों में ओला, ओकिनावा और प्योर ईवी जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों में अचानक आग लग चुकी है। ऐसे में अब वाहनों से संबंधित सुरक्षा मुद्दों पर सवाल उठने लगे हैं।

इलेक्ट्रिक व्हीकल सवारी से डरने लगे लोग

इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार में तेजी से उछाल आ रहा है। माना जा रहा है ये उछाल बढऩा ही है। जिसे देखते हुए कई नामी-गिरामी कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लांच कर रही हैं। ट-.व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक के सेगमेंट में बिजली से चलने वाली गाडिय़ा आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। लेकिन अब इलेक्ट्रिक व्हीकल में आगजनी की घटनाएं सामने आने से लोग इसकी सवारी से डरने लगे हैं।

कुल 429217 ई-वाहन बिके

ऑटोमोबाइल डीलर्स के संगठन फाडा के मुताबिक के मुताबिक 2021-22 में कुल 429217 ई-वाहन बिके। 2020-21 के दौरान देश में ई-वाहनों की बिक्री 134821 यूनिट रही थी। 2019-20 के दौरान देश में 168300 इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे। पिछले वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री तीन गुना तेजी के साथ 17802 यूनिट रही ,जो 2020-21 में 4984 यूनिट रही थी।

बाजार में हो रही है ई-व्हीकल की पूरी तरह एसेम्बलिंग

मौजूदा समय में 273 ई-व्हीकल कंपनिया रजिस्टर्ड हैं। इनमें से करीब 28 कंपनियां ई-व्हीकल बेच रही है। लेकिन बाजार में जिन कंपनियों के ई-व्हीकल बिक रहे है वह पूरी तरह एसेम्बलिंग वाली है यानी जुगाड़ टेक्नोलॉजी से बनी है। इनके ई-व्हीकल आरएंडडी और सुरक्षा मापदंड के अनुरूप नहीं। नतीजा ई-व्हीकल में आगजनी की घटनाएं हो रही है।

विंकेश गुलाटी

अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स के संगठन

- मौजूदा समय में असंठित क्षेत्र की जिन कंपनियों द्वारा ई-व्हीकल तैयार कर वाहन बेचे जा रहे हैं दरअसल इन वाहनों में क्षमता से अधिक सैल बैटरी में डाली जा रही हैए जो कि मापदंडों में खरी नहीं उतर रही है। मैन्यूफैक्चरों द्वारा कैपीसिटी से अधिक बैटरी में सैल का उपयोग किए जाने से गर्मी होकर गर्मी के मौसम में ब्लास्ट हो रही है। ग्राहकों से अपील है कि वे अभी इंतजार करे जब तक जांच पूरी नहीं हो जाए।

आशीष पांडे

अध्यक्ष,भोपाल आटोमोबाइल्स डीलर वेलफेयर एसोसिएशन

लागत कम करने अमानक बैटरियों का इस्तेमाल

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों में अमानक बैटरियों का इस्तेमाल कर रही हैं। कुल लागत में कटौती और मुनाफे के चक्कर में कंपनियां भारतीय मानक स्टेंडर्ड पर फेल चायनीज बैटरियों का इस्तेमाल कर रही है। जिसका खामयाजा इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदार को अपना जान जोखिम में डाल कर भुगतना पड़ रहा है।

नीतेश गुप्ता

अध्यक्ष, इलेक्ट्रिक मर्चेंट एवं कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन

लीथियम बैटरी भारतीय सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप नहीं

भारत में असंगठित क्षेत्र की कंपनियों द्वारा जो लीथियम बैटरी आयात की जा रही है वह सुरक्षा मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं। यही वजह है कि यह बैटरियां ओवर चाजिंर्ग पर गर्म होकर फट रही है। ई-व्हीकल लेने से पहले बैटरी जरूर चेंक करें कि वह भारत सरकार से प्रमाणित है कि नहीं ।

अजय सिंह

अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप ऑनर्स एसोसिएशन

बाजार में विक्रय हो रही ई-व्हीकल्स में सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं

अभी जितने भी ई-व्हीकल्स मार्केट में आए है असंगठित क्षेत्र की कंपनियों ने लाए। जबकि होंडा, होरो, बजाज जैसी ब्रांडेड कंपनियों ने अभी ई-व्हीकल्स की तैयारी में जुटी हुई है। कम लागत अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में असंगठित क्षेत्र की जिन कंपनियों के ईवी विक्रय हो रहे हैं उनमें में सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं हुआ है। जिस कारण आगजनी की घटनाएं ई- व्हीकल्स में घट रही है।

विशाल जौहरी

डायरेक्टर, वैरेंयम मोटर्स

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