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भोपाल में कुछ नहीं कर सके कांग्रेस के दिग्गज, कम सदस्य होने के बावजूद भाजपा ने जीत लिया जिला पंचायत का किला, जमकर हुआ हंगामा

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अंतत: पांसा पलट गया और कांग्रेस जीती बाजी हार गई। कहा जा रहा था कि कांग्रेस के पास 7 एवं भाजपा के पास 3 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है। भोपाल को कांग्रेस के खाते में माना जा रहा था लेकिन सत्ता और भाजपा संगठन किसी भी हालत में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा चाहता था। अंतत: भाजपा ने 4 टेंडर वोट डलवा कर विजय श्री हासिल कर ली। भाजपा ने कांग्रेस समर्थक रामकुंवर नवरंग गुर्जर को अपना प्रत्याशी बना दिया। कांग्रेस की आरे से रश्मि भार्गव मैंदान में उतरीं लेकिन जब नतीजा आया तो भाजपा के पक्ष में 6 और कांग्रेस के पक्ष में 4 वोट ही निकले। इस तरह भाजपा की रामकुंवर नवरंग गुर्जर विजयी घोषित कर दी गईं।

भोपाल में कुछ नहीं कर सके कांग्रेस के दिग्गज, कम सदस्य होने के बावजूद भाजपा ने जीत लिया जिला पंचायत का किला, जमकर हुआ हंगामा
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भोपाल जिला पंचायत के चुनाव में एक महिला सदस्य को अंदर पहुंचाते भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा एवं नेता शैतान सिंह पाल।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अंतत: पांसा पलट गया और कांग्रेस जीती बाजी हार गई। कहा जा रहा था कि कांग्रेस के पास 7 एवं भाजपा के पास 3 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है। भोपाल को कांग्रेस के खाते में माना जा रहा था लेकिन सत्ता और भाजपा संगठन किसी भी हालत में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा चाहता था। अंतत: भाजपा ने 4 टेंडर वोट डलवा कर विजय श्री हासिल कर ली। भाजपा ने कांग्रेस समर्थक रामकुंवर नवरंग गुर्जर को अपना प्रत्याशी बना दिया। कांग्रेस की आरे से रश्मि भार्गव मैंदान में उतरीं लेकिन जब नतीजा आया तो भाजपा के पक्ष में 6 और कांग्रेस के पक्ष में 4 वोट ही निकले। इस तरह भाजपा की रामकुंवर नवरंग गुर्जर विजयी घोषित कर दी गईं। इस जीत में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। कांग्रेस के दिग्गज दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, पीसी शर्मा, आरिफ मसूद मौके पर खड़े रहे लेकिन कुछ नहीं कर सके। चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ।

पहले ही पहुंच गए थे कांग्रेस के दिग्गज

राजनीतिक उठापटक के बीच कांग्रेस-भाजपा के कई दिग्गज नेता जिला पंचायत कार्यालय पहुंच गए हैं। भोपाल में स्थिति बड़ी रोचक रही। कांग्रेस के दावे को माना जाए तो जिला पंचायत में उनके आठ सदस्य हैं, वहीं भाजपा उनके दावे को नकार रही है, जिसका परिणाम आज चुनाव के दौरान देखने को मिला। भोपाल के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह और विधायक रामेश्वर शर्मा ने भाजपा से मैदान संभाला हुआ है। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी सहित विधायक मोर्चे पर डटे रहे। कई बार पुलिस प्रशासन और भाजपा नेताओं से उनकी टकराहट हुई। भारी गहमागहमी के बीच जिला पंचायत सदस्यों को वोटिंग के लिए लाया गया। वार्ड 3 से विजया राजोरिया को नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, विधायक रामेश्वर शर्मा और शैतान सिंह पाल लेकर पहुंचे थे। दिग्विजय सिंह कहना है कि प्रशासन और पुलिस के बल पर यह सरकार हमारे प्रत्याशियों को डराने धमकाने का काम कर रही थी, सरकार के दबाव में मतदान का समय 1 घंटे बढ़ाया गया हैl

ऐसे बदले रातों-रात समीकरण

करीब तीन दिन पहले तक कांग्रेस के समर्थन में 7 और भाजपा के समर्थन में 3 सदस्य बताए जा रहे थे। इसके बाद एक कांग्रेस का एक सदस्य भाजपा के संपर्क में आया और एक मंत्री के साथ घूमता दिखाई दिया। दो दिन पहले दो कांग्रेस के सदस्यों ने चुप्पी साधी, जिन्हें भाजपा अपना सदस्य बता रही है। यह चुनाव गैरदलीय हुए थे। इसलिए भाजपा-कांग्रेस सदस्यों को अपना- अपना बता रही है। कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष ने कलेक्टर अविनाश लवानिया को शिकायत की है जिसमें कांग्रेस नेताओं व सदस्यों को परेशान करने का आरोप लगाया गया है।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि सदस्यों को धमकाया जा रहा है। इसके लिए पूर्व जिप अध्यक्ष मनमोहन नागर के डंपर जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं उनके बेटों को खनिज विभाग ने 13 लाख का नोटिस थमा दिया, जबकि जिस खदान के लिए नोटिस जारी किया गया है, उसका पजेशन अभी तक नागर ने नहीं लिया है। कांग्रेस नेता अवनीश भागव के घर को अतिक्रमण को जद में बताकर नष्ती कराई जा रही है। घर के बाहर लगी फेसिंग उखाड़ दी गई। एक सदस्य को खिलचीपुर से उठा लिया गया है।

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