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बीएमएचआरसी बना मप्र का पहला पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट

बीएमएचआरसी बना मप्र का पहला पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट
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भोपाल। राजधानी के भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर प्रदेश का पहला पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट बन गया है। हालांकि संस्थान को पीजीआई का दर्जा तो वर्ष 2014 में ही मिल गया था, लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। अंतत: इस वर्ष केंद्र ने बीएमएचआरसी के एनीस्थीसिया विभाग में 4 सीटों को मान्यता देते हुए उसे आॅल इंडिया नीट पीजी काउंसलिंग में शामिल किया और इन चार सीटों पर एडमिशन हुए। आपको बता दें कि एनीस्थीसिया एमडी कोर्स तीन वर्ष का होता है। इस पर प्रवेश एमबीबीएस कर चुके छात्र लेते हैं, अब बीएमएचआरसी को हर साल चार रेसीडेंट डॉक्टर मिलेंगे। बीएमचआरसी प्रबंधन से मिली जानकारी अनुसार पीजी सीटों पर मान्यता मिल गई है, चूंकि यह शैक्षणिक सत्र कोविड के चलते देर से शुरू हुआ है, अगले वर्ष मई 2022 में और चार छात्र यहां पढ़ने आएंगे।

- पैथोलॉजी विभाग को भी मिल सकती है मान्यता

एनीस्थीसिया विभाग को चार सीटों में पीजी की मान्यता मिल जाने के बाद अब दूसरे विभागों को भी उम्मीद बंध गई है। इसी क्रम में करीब दो महीने पहले नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने बीएमएचआरसी के पैथोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया था। प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस विभाग में भी सीटों को मान्यता मिल सकती है।

- एनीस्थीसिया विभाग

बीएमएचआरसी के एनीस्थीसिया या निश्चेतना विभाग में इन दिनों चार प्रोफेसर और पांच असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। अब यहां रेजीडेंट्स डॉक्टर भी होंगे। इस तरह एक विभाग में कुल 12 डॉक्टर रहेंगे। इससे अस्पताल में होने वाली विभिन्न प्रकार की छोटी-बड़ी सर्जरी को लाभ मिलेगा।

- स्टेट काउंसलिंग में चार को सीट अलॉटमेंट

नीट पीजी स्टेट लेवल काउंसलिंग के दूसरे चरण में सीटों का आवंटन चार मार्च को होना है। इस संबंध में संचालक चिकित्सा शिक्षा ने विभाग की वेबसाइट पर जानकारी अपलोड कर दी है। चार मार्च को सीट अलॉटमेंट के बाद पांच मार्च से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो कि 9 मार्च तक जारी रहेगी। इसी अवधि में कैंडीडेट को मॉप अप राउंड के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प भी दिया जाएगा। दूसरा चरण खत्म हो जाने के बाद मॉप अप राउंड और फिर जरूरत पड़ी तो कॉलेज लेवल काउंसलिंग शुरू होगी।

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