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आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण ने कहा, आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत, जटिल बीमारियां भी आयुर्वेद से हो सकती है ठीक

मानव स्वास्थ्य सुरक्षा पर आयोजित दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के साथ आयुर्वेद के फायदों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के समय पूरे विश्व ने आयुर्वेद के प्रभाव को देखा है।

आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण ने कहा, आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत, जटिल बीमारियां भी आयुर्वेद से हो सकती है ठीक
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भोपाल। मानव स्वास्थ्य सुरक्षा पर आयोजित दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के साथ आयुर्वेद के फायदों के बारे में आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के समय पूरे विश्व ने आयुर्वेद के प्रभाव को देखा है। भाेपाल प्रवास के दौरान वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री काे रूद्राक्ष की माला भेंट की।

आचार्य बाल कृष्ण ने कहा कि आज आयुर्वेद से स्वस्थ रहने के गुण सीखने की जरूरत है। वन मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आयुर्वेद महती भूमिका निभा रहा है। मप्र में वन औषधियों की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है। उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर आयुर्वेद ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद के क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। उन्हें भरोसा है कि आयुर्वेद पद्धति से चिकित्सा में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्य आम लोगों को निरोग बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस मौके पर प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन सरंक्षक एवं वन बल प्रमुख आरके गुप्ता भी मौजूद थे।

सोविनियर का हुआ विमोचन

राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर देश के तकरीबन 100 विषय-विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुसंधान पेपर का प्रकाशन 'सोविनियर' का विमोचन हुआ। वन मंत्री डॉ. शाह ने आयुर्वेद आचार्य बालकृष्ण को प्रतीक चिन्ह और शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। संगोष्ठी में बेहतर अनुसंधान पेपर प्रस्तुत करने के लिए डॉ. हरिओम सक्सेना, डॉ. वन्दना गुप्ता, श्रीमती एलिजाबेथ थॉमस, श्रीमती रूचि भाटिया कपूर, श्रेयस कौशिक, कपिल सारस्कर, सुश्री विशाखा कुम्बरम, विनोद धोटे, अनुश्री और शिवानी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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