Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

विभाग बंटवारे के बाद पहली कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों को दिए टॉस्क, हर हाल में जरुरी होगा ये करना

15 अगस्त को आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप जनता के सामने रखेंगे। पढ़िए पूरी खबर-

विभाग बंटवारे के बाद पहली कैबिनेट में सीएम ने मंत्रियों को दिए टॉस्क, हर हाल में जरुरी होगा ये करना
X

भोपाल। मध्यप्रदेश में मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद पहली बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रियों को कई महत्वपूर्ण टॉस्क दिए। सभी मंत्री हर हाल में सोमवार व मंगलवार को भोपाल में रहकर काम-काज निबटाएंगे। महीने में कम से कम दो दिन अपने प्रभार के जिले में जाएंगे। वहीं रात भी बिताएंगे और समीक्षा करेंगे। 15 अगस्त को सभी मंत्री आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप जनता के सामने रखेंगे। इसकी तैयारी अभी से करने को कहा गया है।

मप्र की नई सरकार ने फुल कैबिनेट की बैठक में साहूकारी संशोधन विधेयक एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) ऋण मुक्ति विधेयक को मंजूरी दे दी। प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार व मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद यह पहली कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें यह बड़ा निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में और भी कई निर्णय लिए गए। इस मौके पर चौहान ने कहा कि आदिवासियों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए मप्र अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक लाया जा रहा है, जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी व्यक्तियों के 15 अगस्त 2020 तक के सभी ऋण ब्याज सहित माफ किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। साथ ही अन्य वर्गों को भी साहूकारों के चंगुल से छुड़ाने के लिए मप्र साहूकार (संशोधन विधेयक 2020) लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कोरोना की चुनौती है, पर साथ ही यह जनता के सेवा का अवसर भी है। पूरी टीम भावना के साथ मिलकर जनता की बेहतर से बेहतर सेवा करें। विकास एवं जनता के कल्याण के‍ लिए हम सब तत्पर है। इस मौके पर बैठक में मंत्रिमंडल के सभी सदस्य तथा अधिकारी मौजूद थे।

सोमवार को विभागीय समीक्षा, मंगलवार को कैबिनेट होगी

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हर सोमवार एवं मंगलवार को सभी मंत्रीगणों को भोपाल में ही रहना है। सोमवार को वे विभागीय समीक्षा करें तथा उस दिन विधायकों से मिलने का समय भी निर्धारित करें। मंगलवार को 11 बजे से कैबिनेट की बैठक होगी। (अपरिहार्य कारणों को छोड़कर)। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में विभागीय संक्षेपिका का प्रस्तुतीकरण मंत्रीगण स्वयं करें। इस कार्य में विभागीय एसीएस एवं पीएस उनकी मदद करेंगे।

प्रभार के‍ जिलों में महीने में कम से कम 2 दिन जाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मंत्रिमंडल में 34 सदस्य हैं, अत: कुछ मंत्रीगणों को एक तथा कुछ को 2 जिले प्रभार के दिए जाएंगे। प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिले में माह में कम से कम 2 दिन दौरा करेंगे, साथ ही वहां रात्रि विश्राम भी वहीं करें। दौरे के दौरान योजनाओं का क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की स्थिति देखें तथा जनता के साथ संवाद करें।

15 अगस्त को रखेंगे आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर मप्र के लिए निरंतर कार्य करना है। मंत्रीगण अपने विभागीय अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों, प्रबुद्धजनों की सहायता से इसके लिए रोडमैप तैयार कर लें। इस संबंध में जनता से प्राप्त सुझावों का भी अध्ययन कर लें। 15 अगस्त को आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप जनता के समक्ष रखा जाएगा।

सीएम मॉनीटरिंग सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए सीएम.मॉनिट सिस्टम बनाया गया है, जिसके माध्यम से सभी विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की सतत मॉनीटरिंग की जाएगी। मंत्रीगण अपनी विभागीय योजनाओं के कार्यों के लक्ष्य, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, आदि की जानकारी इस पर डालें।

किल कोरोना अभियान के अच्छे परिणाम

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से एक-एक कोरोना मरीज की पहचान कर कोरोना को पूरी तरह समाप्त करने के लिए किल कोरोना अभियान चलाया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। एक जुलाई को इस अभियान के शुरू होने से आज तक की अवधि में प्रदेश की कोरोना पोजिटिविटी रेट 3.78 से घटकर 3.58 रह गई है वहीं डैथ रेट 4.19 फीसदी से घटकर 3.64 फीसदी रह गई है। अभियान के तहत 14500 टेस्ट प्रतिदिन तक पहुंच गए हैं। अभी प्रदेश में 65 प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण हो गया है, शेष सर्वे 2 से 3 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।

विकास एवं जनता के कल्याण में कोई कमी नहीं आने देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछली सरकार के समय की 26 हजार 218 करोड़ की देनदारियां है। कोरोना संकट के चलते राजस्व में काफी कमी आई है। परन्तु प्रदेश के विकास एवं जनता के कल्याण में कोई कमी नहीं आने देंगे।

Next Story
Top