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युवक को नहीं मिली नौकरी तो करने लगा स्ट्रॉबेरी की खेती, कमा रहा है इतना पैसा

कोरोना (Corona) के इस दौर में लोगों को नौकरी (Job) मिलना कठिन हो गया है। काफी नौकरी खोजने के बाद नौकरी नहीं मिली तो लखनपाल ने खुद खेती करने की ठान ली है। लखनपाल (Lakhanpal) ने मन बना लिया था कि अब वह नौकरी नहीं करेगा।

युवक को नहीं मिली नौकरी तो करने लगा स्ट्रॉबेरी की खेती, कमा रहा है अच्छा पैसा
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प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना (Corona) के इस दौर में लोगों को नौकरी (Job) मिलना कठिन हो गया है। काफी नौकरी खोजने के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो इस शख्स ने खुद खेती करने की ठान ली। लखनपाल (Lakhanpal) ने मन बना लिया था कि अब वह नौकरी नहीं करेगा। बल्कि जैविक तरीके से खेती करेगा। लखनपाल हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले का रहने वाला है। युवा लखनपाल ने यहां पर स्ट्रॉबेरी की खेती करना शुरू कर दिया। मेहनत से स्ट्रॉबेरी की खेती करना भी रंग लाया। यही वजह है कि वह 21 साल की उम्र में एक सफल कारोबारी बन गया है। उसने बताया कि हमीरपुर के पास ही स्थित विकास नगर में लखनपाल ने खाली भूमि पर साफ सफाई करके एक हजार स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए। अब इन पौधों से अच्छी खासी कमाई भी हो रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमीरपुर में लखनपाल के जैविक खेती करने से लोगों को स्ट्रॉबेरी (Strawberry) भी खाने को मिल रही है। अब तक एक क्विंटल तक स्ट्रॉबेरी की पैदावार होने पर खेतीबाड़ी में दिलचस्पी रखने वाले युवा भी प्राकत से जुड़ रहे हैं और काफी खुश है। बात दें कि लखनपाल ने बैगलोर से स्ट्रॉबेरी के एक हजार पौधे मगंवाए थे। इसके बाद उन्होंने सही ढंग से उनकी देखभाल भी की थी। मार्च से स्ट्रॉबेरी के पौधों पर फल लगना शुरू हुए है और रोजाना 5 से दस किलो स्ट्राॅबेरी का उत्पादन हो रहा है।

आपको बात दें कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्ट्रॉबेरी के प्लांट मगंवाए थे और वातावरण के अनुकूल होने के चलते स्ट्रॉबेरी के पौधों पर फल मिलना शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि महंगे पौधे खरीदे थे, ताकि बाद में मुनाफा भी हो सके। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से देख रेख करते हुए जैविक तरीके से पौधों की देखभाल की है। अब अच्छा उत्पादन मिल रहा है। जिससे 21 वर्षीय लखनपाल भी खुश है। वहीं उसके इस फैसले से घर वाले भी बहुत खुश हैं।

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