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खेतों में सड़ने लगी गेहूं की फसल, बागवानी को भी भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश में बारिश (Rain in Himachal Pradesh) किसानों को खून के आंसू रुला रही है। ऐसे में खेतों में गेहूं की फसल (wheat Crop) सूखकर तैयार हो चुकी थी। वहीं कुछ फसल कटकर खेतों में पड़ी हुई है। अब बारिश (Heavy Rain) के कारण फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं।

खेतों में सड़ने लगी गेहूं की फसल, बागवानों को भी भारी नुकसान
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खेतों में सड़ने लगी गेहूं की फसल

हिमाचल प्रदेश में बारिश (Rain in Himachal Pradesh) किसानों को खून के आंसू रुला रही है। खेतों में गेहूं की फसल (wheat Crop) सूखकर तैयार हो चुकी थी। वहीं कुछ फसल कटकर खेतों में पड़ी हुई है। अब बारिश (Heavy Rain) के कारण फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत तो उस गेहूं की है, जो काटकर खेतों में बिछाई गई है। इसमें से अधिकांश पानी पर तैरती नज़र आ रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर तूफान और ओलों के कारण फलों व सब्जियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगह फूल झड़ गए हैं, तो कहीं कच्ची डंडियों पर पनप रहे फल जमीन पर आ बिछे हैं।

ऐसे में किसान-बागबान (Farmer-Gardener) ऊपर वाले से रहम की भीख मांगने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तीन दिन से जारी बारिश ने किसानों की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। उनका मामना है कि कृषि और बागबानी (Gardner) इस बारिश और ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पहले सूखे ने गेहूं की फसल को चौपट कर दिया था, वहीं रही-सही फसल को किसान अभी बटोर ही रहे थे कि बारिश (Rain) ने उसे खेतों में ही सुला दिया। साथ ही आम, लीची, प्लम, आड़ू व सेब आदि फलों के बूर व फूल भी ओलावृष्टि और तूफान से जमीन पर पहुंच गए हैं।

ऊना जिले में आफत बनकर बरसी बारिश

ऊना जिले में भी बारिश-किसानों के लिए आफत बनकर बरसी है। बारिश के चलते गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। जिन किसानों ने अपनी गेहूं की फसल काट ली है, बारिश ने उसे खराब कर दिया और खेतों में पड़ी तूड़ी भी बारिश की भेंट चढ़ गई है।

बिलासपुर जिले में बरसे ओले

बिलासपुर जिले में भी जमकर बारिश हुई। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। बारिश-ओलावृष्टि से खेतों में काटी गई गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बेमौसमी बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसान काटी हुई फसल के खराब होने से परेशान हैं।

मंडी में पौने 64 लाख का नुकसान

आपको बता दें कि मंडी जिले में बागवानों की मेहनत पर ओलावृष्टि ने कहर ढाह दिया है। जिला में हुई ओलावृष्टि से करीब 63.75 लाख का नुकसान हो चुका है। ऐसे में बागवानी विभाग नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे प्रदेश सरकार व निदेशालय भेजा जाएगा।

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