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Sunday Special: भारत के इस पहाड़ी राज्य में मौजूद है रेनुका झील, जानें इसका महत्व

Sunday Special: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में घुमने के लिए लोग उतावले रहते हैं। पर्यटकों (Tourists) को घुमने के लिए हिमाचल में हजारों जगह हैं। वहीं सिरमौर जिले (Sirmaur district) में एक बहुत की खुबसूरत झील मौजूद है।

Sunday Special: भारत के इस पहाड़ी राज्य में मौजूद है रेनुका झील, जानें इसका महत्व
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रेनुका झील।

Sunday Special: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में घुमने के लिए लोग उतावले रहते हैं। पर्यटकों (Tourists) को घुमने के लिए हिमाचल में हजारों जगह हैं। वहीं सिरमौर जिले (Sirmaur district) में एक बहुत की खुबसूरत झील मौजूद है। रेनुका झील (Renuka Lake) घूमने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। वहीं हिमाचल के पहाड़ों में बहुत से ऐसे सुंदर नजारें हैं जिनको देखने के बाद ऐसा लगता है कि बस यहीं रह जाएं। इस प्रदेश में देखने के लिए बहुत कुछ है। हर बार जब इसे करीब से देखने की कोशिश करते हैं तो एक अलग ही खूबसूरत दुनिया से पाला पड़ता है। तो आज हिमाचल की सुंदर पहाड़ियों (Beautiful Hills) में से ही जिस जगह के बारे में बताने जा रहें हैं, उसका धार्मिक महत्व भी है। तो आइए जानें वो कौन सी जगह है।


आपको बता दें कि ये झील चारों तरफ से हरे-भरे पहाड़ों से घिरी हुई है। इस झील का एक धार्मिक इतिहास (Religious History) है। जिसकी वजह से इसे पवित्र झील (Holy lake) माना जाता है। कहते हैं कि इस झील का आकार किसी महिला की आकृति के समान है। कहते हैं कि धार्मिक महत्व रेनुका झील (Lake) का नाम महर्षि परशुराम की माता के नाम पर रखा गया है। कहते हैं कि एक बार सहस्त्रार्जुन नाम के बहुत ही बलवान राजा ने ऋषि जमदग्नि, रेनुका देवी के पति को मार दिया था। उस पति के शोक में रेनुका ने इस झील में छलांग लगा दी थी। कुछ समय बाद परशुराम जब लौट कर आए और अपने माता-पिता की मौत के बारे में पता चला। राजा से बदला लेने के लिए कहते हैं महर्षि परशुराम ने केवल सहस्त्रार्जुन को ही नहीं मारा बल्कि पूरे क्षत्रीय वंश का विनाश कर दिया था।


रेनुका झील के नजारे हैं अद्भुत हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पवित्र मानी जाने वाली इस झील में बोटिंग का मजा तो आप भरपूर उठा सकते हैं। लेकिन बोट पर चढ़ने से पहले पैर से जूते निकालने पड़ते हैं। इस झील में बहुत सारी मछलियों की प्रजाति रहती है जिनको खिलाने के लिए सैलानी चारा लेकर आते हैं। झील के चारों तरफ घने अल्पाइन के जंगल है जिनमें सैलानी ट्रैकिंग, फिशिंग, सफारी और बोटिंग का मजा ले सकते हैं।


यही नहीं और भी है बहुत कुछ अगर आप केवल इस झील को देखने के इरादे से आए हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नही है क्योंकि झील के साथ ही यहां पर रेनुका देवी का मंदिर बना है। इसके साथ ही एक घर है जो केवल गाय के गोबर मिट्टी और उरद दाल के पेस्ट से है और कई सारी प्राकृतिक आपदाओं को झेलने के बाद भी नहीं गिरा है।

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