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Sunday Special: हिमाचल उपचुनावों में BJP की बुरी दशा होने के महंगाई के अलावा दूसरे कारण भी रहे जिम्मेदार, पार्टी को करनी होगी गौर

हिमाचल प्रदेश उपचुनाव में भाजपा की हार के पीछे महंगाई को बड़ा कारण माना जा रहा है। जो कुछ हद तक सही भी है। वहीं महंगाई के अतिरिक्त भी अन्य कई ऐसे पहलु हैं, जिन पर भाजपा को गौर कराना होगा। इनमें सबसे मुख्य कारण आंतरिक मतभेद भी है।

Sunday Special: हिमाचल उपचुनावों में BJP की बुरी दशा होने के महंगाई के अलावा दूसरे कारण भी रहे जिम्मेदार, पार्टी को करनी होगी गौर
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हिमाचल उपचुनावों में BJP की बुरी दशा होने के महंगाई के अलावा दूसरे कारण भी रहे जिम्मेदार, पार्टी को करनी होगी गौर

Sunday Special: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में संपन्न हुए उपचुनावों में भाजपा को करारी हार मिली है। वहीं हर किसी के द्वारा भाजपा (BJP) की इस हार पीछे महंगाई को सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। चर्चाएं हैं कि सत्ताधारी पार्टी यानी कि भाजपा के खिलाफ महंगाई के कारण वोटिंग (Voting) हुई है। काफी हद तक ये बात बिल्कुल सही है। पर महंगाई के अतिरिक्त यहां भाजपा की करारी हार के लिए दूसरे कारण भी जिम्मेवार हैं। इन सभी पहलुओं पर भाजपा को गौर भी करने की जरूरत है। हिमाचल में सत्ताधारी पार्टी में आंतरिक मैनेजमेंट, पुराने वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी, कर्मचारी बाहुल्य प्रदेश में उनके हित में निर्णय नहीं लेना और निर्णयों को रोल बैक करना मख्य रहे। मंडी संसदीय सीट के मद्देनजर 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं व इन 17 विधानसभा इलाकों में से वर्तमान समय में 13 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के विधायक ही थे। इसके बाद भी कांग्रेस नौ विधानसभा इलाकों में लीड ले गई और बीजेपी को आठ सीटों पर बढ़त मिली। जिससे विधायकों के प्रदर्शन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

लीड ना दिला पाने वालों में हिमचाल सरकार के दो मंत्री भी शामिल हैं। रामपुर और सराज विस क्षेत्र चर्चा का विषय रहे, क्योंकि इन दोनों विस चुनाव क्षेत्रों में कांग्रेस व बीजेपी को 19000 से ज्यादा वोट की लीड दी। यानी कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह विस क्षेत्र सराज की यदि चर्चा करें तो उस चुनाव क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार को 34 हजार 917 मत मिले। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार को 15 हजार 014 वोट ही मिल पाए। यहां से बीजेपी को 19 हजार 903 वोट की बढ़त मिली। इसी तरह रामपुर में कांग्रेस उम्मीदवार ने 30 हजार 514 वोट पाए तो बीजेपी उम्मीदवार को 11 हजार 261 वोट ही मिल पाए। यहां पर कांग्रेस को 19 हजार 253 की बढ़त मिली। बीजेपी को करसोग, सुंदर नगर, सिराज, द्रंग, जोगिंदर नगर, मंडी सदर, बल्ह और सरकाघाट से बढ़त मिली। वहीं कांग्रेस को लाहौल स्पीति, भरमौर, मनाली, कुल्लू, बंजार, आनी, नाचन, रामपुर और किन्नौर से बढ़त मिली। मंडी लोकसभा सीट के इतिहास में ये पहली बार होगा कि यहां से जीतकर जाने वाला सांसद विपक्ष में विराजमान होगा। अन्यथा आज तक जो भी सांसद मंडी संसदीय सीट से जीत कर गए हैं, उन्हीं की सरकार केंद्र में होती है।

मंडी संसदीय क्षेत्र से 3 कैबिनेट मंत्री हैं, इनमें से एक मुख्यमंत्री खुद भी हैं, जिनके चुनाव क्षेत्र ने बीजेपी को सबसे बड़ी बढ़त दी, पर बाकी के दो कैबिनेट मंत्री लीड नहीं दे पाए। कुल मिलाकर इस उपचुनाव में लोगों ने प्रदेश में परिवर्तन की शुरुआत कर दी है। बीजेपी को भी अपने संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की जरूरत है। क्योंकि बीजेपी का कोई भी तंत्र इस उपचुनाव में काम नहीं आ सका। वैसे जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, वन मंत्री राकेश पठानिया तथा पूर्व में मंत्री और अध्यक्ष रहे डॉक्टर राजीव बिंदल को बेहतर चुनाव प्रबंधक माना जाता है लेकिन ये तीनों भी इस उपचुनाव में विफल साबित हुए।

किस विधानसभा सीट से किसे कितने वोट मिले

आपको बता दें मंडी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों में कांग्रेस की ओर से प्रतिभा सिंह उम्मीदवार रहीं और भाजपा की ओर से खुशाल ठाकुर को प्रत्याशी बनाया गया।

  • भरमौर विधानसभा सीट से प्रतिभा सिंह को 13181 और खुशाल ठाकुर को 9,028
  • लाहुल स्पीति से प्रतिभा सिंह को 7619 और खुशाल ठाकुर को 5479
  • मनाली प्रतिभा सिंह को 23092 और खुशाल ठाकुर को 21251
  • कुल्लू प्रतिभा सिंह को 21812 भाजपा को 18216
  • बंजार कांग्रेस को 21591 और भाजपा को 19713
  • आनी से कांग्रेस को 21614 और भाजपा उम्मीदवार को 16273
  • करसोग प्रतिभा को 14214 और खुशाल को 15478
  • सुंदरनगर से प्रतिभा को 18526 और भाजपा को 20541
  • नाचन से कांग्रेस को 26993 और बीजेपी को 24422
  • सिराज से प्रतिभा सिंह को 15014 और खुशाल को 34917
  • द्रंग से कांग्रेस को 23,731 और बीजेपी को 26352
  • जोगिंद्रनगर से प्रतिभा को 20849 और भाजपा को 27993
  • मंडी सदर से कांग्रेस को 18,566 और भाजपा को 21748
  • बल्ह से कांग्रेस को 19526 और भाजपा को 20541
  • सरकाघाट से कांग्रेस को 18566 और भाजपा को 21748
  • रामपुर से कांग्रेस को 30514 और भाजपा को 11261
  • किन्नौर से कांग्रेस को 17543 और भाजपा को 12566
  • बीजेपी को यहां से हासिल हुई बढ़त
  • करसोग 1,264
  • सुंदरनगर 2,015
  • सिराज 19,903
  • द्रंग 2,621
  • जोंगेंद्रनगर 7144
  • मंडी सदर 3182
  • बल्ह 1015
  • सरकाघाट 3182
  • कांग्रेस को यहां से बढ़त
  • भरमौर 4153
  • लाहुल-स्पीति 2,140
  • मनाली 1,841
  • कुल्लू 3,596
  • बंजार 1,878
  • आनी 5541
  • नाचन 2571
  • रामपुर 19,253
  • किन्नौर 4,977
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