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शिमला में आए संक्रमण के 3 नए मामले, विधानसभा के क्वार्टर में रहने वाला व्यक्ति भी पॉजिटिव

हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदेश में आज कोरोना के 5 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें से तीन मामले शिमला शहर के हैं, जबकि दो पॉजिटिव मामले रोहडू के हैं। शिमला की सीएमओ सुरेखा चोपड़ा ने पांच पॉजिटिव मामलों की पुष्टि की है।

शिमला में आए संक्रमण के 3 नए मामले, विधानसभा के क्वार्टर में रहने वाला व्यक्ति भी पॉजिटिव
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदेश में आज कोरोना के 5 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें से तीन मामले शिमला शहर के हैं, जबकि दो पॉजिटिव मामले रोहडू के हैं। शिमला की सीएमओ सुरेखा चोपड़ा ने पांच पॉजिटिव मामलों की पुष्टि की है। शिमला शहर के 3 मामलों में एक विधानसभा के क्वार्टर में रहने वाला व्यक्ति भी पॉजिटिव पाया गया है। जबकिदूसरा मामला संजौली के गुरुद्वारा के पास रहने वाले व्यक्ति का है।

ये दोनों एडवोकेट जनरल दफ्तर के पॉजिटिव पाए गए मरीजों के संपर्क में आए थे। तीसरा मामला फायर ऑफिस छोटा शिमला के पास रहने वाली एक महिला का है, जो बीमारी के चलते आईजीएमसी उपचार के लिए जाती रही है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि वहीं पर किसी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमित हुई है। वहीं 2 नए मामले रोहडू के मेंहदली क्षेत्र के हैं, जहां पर 3 दिन पहले 18 मजदूर पॉजिटिव पाए गए थे। उन्हीं के संपर्क में आने से दो और मजदूर संक्रमित हुए हैं। अब शिमला जिले में एक्टिव केस का आंकड़ा 72 हो गया है।

बता दें कि शनिवार को हिमाचल प्रदेश में रात 9 बजे तक कोरोना के कुल 95 मामले सामने आए थे। ऐसे में यहां कोरोना पीड़ितों की संख्या 2049 पहुंच गई. देर रात जारी बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार को 28 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे। इसी बीच, आईजीएमसी में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत हो गई है। 52 वर्षीय यह महिला किडनी की बीमारी से पीड़ित थीं। उन्हें नाहन से पहले डीडीयू रेफर किया गया था। हिमाचल प्रदेश में कोरोना से यह 12वीं मौत है। कल जिस महिला मौत हुई वह किडनी रोग से भी प्रभावित थीं। बताया जा रहा है कि वह पूर्णतया अकेली थीं और आईजीएमसी प्रशासन ने इस महिला की देखरेख की। मृतका के बारे में बताया गया कि वह नाहन की रहने वाली थीं। कोरोना काल में जहां संक्रमित मरीजों से परिजन भी दूर भाग रहे हैं, वहीं चिकित्सक वर्ग और चिकित्सा से जुड़े कर्मचारियों ने इस अकेली महिला का ध्यान रखकर मानवता की मिसाल पेश की है।

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