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हिमाचल में 10 से खुल जाएंगे धार्मिक स्थल, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस

हिमाचल प्रदेश में 10 सितंबर से मंदिरों के कपाट खुल जाएंगे। कैबिनेट से फैसला होने के बाद भाषा एवं संस्कृति विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। तय एसओपी के साथ ही मंदिर खुलेंगे और जो नियम बनाए गए हैं, उनकी अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी।

हिमाचल में दस से खुल जाएंगे धार्मिक स्थल,  सरकार ने जारी की गाइडलाइंस
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वजेश्वरी मंदिर व कांगड़ा देवी मंदिर नगर कोट।

कंटेनमेंट जोन छोड़कर 10 सितंबर से मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। लेकिन, धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं को कई नियमों का पालन करना होगा। कैबिनेट से फैसला होने के बाद भाषा एवं संस्कृति विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। तय एसओपी के साथ ही मंदिर खुलेंगे और जो नियम बनाए गए हैं, उनकी अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई का भी प्रावधान है। पुलिस को इसमें अहम भूमिका निभानी होगी, जिसकी तैनाती मंदिरों में रहेगी और वह सुनिश्चित करेंगे कि कोई श्रद्धालु नियमों की उल्लंघना न करे।

प्रदेश में कई प्रसिद्ध शक्तिपीठ हैं और मंदिर बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पर नहीं आ सके। आने वाले दिनों में नवरात्र भी शुरू होने हैं, जिनमें लाखों की संख्या में यहां पर लोग पहुंचते हैं। सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशों पर मंदिर खोलने के आदेश कर दिए हैं, मगर कई तरह की पाबंदिया इसपर लगाई गई है। धार्मिक स्थल खुलने के बावजूद 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों व 10 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश मंदिरों में वर्जित रखा गया है। मंदिरों में घंटियों को हटाया जाएगा या फिर घंटियों को न हटाने की स्थिति में इन्हें ढक कर रखना होगा।

कपड़े से इन्हें कवर कर दिया जाएगा, ताकि कोई घंटियों को न छू सकें। साथ ही एक मिनट से अधिक किसी को भी देवी-देवताओं की मूर्ति के आगे खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। इस मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक मंदिरों अथवा अन्य धार्मिक स्थलों में देवी-देवताओं की प्रतिमा के साथ साथ किसी ग्रंथ को छूना भी मना होगा। दिव्यांगों के लिए देवता दर्शन के विशेष बंदोबस्त करने होंगे।

कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के मद्देनजर जारी एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजेशन व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। केवल, सिम्पटोमेटिक लोगों को ही मंदिरों में आने की अनुमति होगी। धार्मिक स्थलों में आगंतुक को छह फुट की दूरी बनानी होगी। जूते-चप्पल अपने वाहनों में खोलने होंगे। वाहन न होने की स्थिति में अलग-अलग जगहों पर इन्हें रखना होगा।

धार्मिक स्थलों में पूजा करने के लिए दशर्नार्थी को अपनी मैट लानी होगी। देव प्रतिमा को छूने की मनाही होगी। आरती, भजन अथवा संगीत रिकार्डेड ही चलेगा। सामाजिक दूरी के सिद्धांत की अनुपालना करनी होगी। सरकार ने इन शर्तों के साथ प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी है। इस तरह के कुल 21 दिशा निर्देशों की पालना यहां पर जरूरी होगी।

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