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कोरोना के कहर के बीच हिमाचल में शर्तों के साथ कैदियों को मिलेगी पैरोल

हिमाचल प्रदेश (Himachal pradesh) में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ बंदियों (Prisoners) को जेल से पैरोल पर रिहा करने की तैयारी चल रही है। पिछले साल जिन कैदियों को कोविड (Covid) काल में 90 दिन के लिए घर भेजा गया था और वे अगर समय पर आत्मसमर्पण करते हैं।

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जेल (प्रतीकात्मक फोटो)

हिमाचल प्रदेश (Himachal pradesh) में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ बंदियों (Prisoners) को जेल से पैरोल पर रिहा करने की तैयारी चल रही है। पिछले साल जिन कैदियों को कोविड (Covid) काल में 90 दिन के लिए घर भेजा गया था और वे अगर समय पर आत्मसमर्पण करते हैं, तो उनकी पैरोल (Parole) को बढ़ाया जाएगा। प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गठित की गई उच्चाधिकारी समिति ने वीडियो कान्फ्रेंस पर यह सिफारिश की। बताया जा रहा है कि इस बार जिन कैदियों को पैरोल मिलेगी, उनका मेडिकल टेस्ट व कोविड नेगेटिव रिपोर्ट ली जाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेलों में ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। जेलों में बंद ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात साल से कम है, उन्हें पैरोल पर घर भेजा जाएगा। इस बाबत 13 मई को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलीमथ की अध्यक्षता में आयोजित उच्चाधिकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

इस बैठक में न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, न्यायाधीश विशेष आमंत्रित के रूप में उच्च न्यायालय, मनोज कुमार, सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) इस कान्फ्रेंस में मौजूद रहे। बैठक में एन वेणुगोपाल, महानिदेशक जेल, प्रदेश सदस्य और प्रेम पाल रांटा, सदस्य सचिव के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान जानकारी दी गई कि इस साल पहली जनवरी से 30 अप्रैल तक 245 पात्र दोषियों को पैरोल दी गई है।

वहीं 71 अपराधी पैरोल पर जेल से बाहर हैं तथा 33 आजीवन दोषियों को भी एचपी की सिफारिशों पर समय से पहले जेलों से रिहा कर दिया गया। इस बैठक में फैसला लिया गया कि जो अपराधी पैरोल पर हैं, उन्हें विशेष पैरोल दी जाएगी। हालांकि उसके लिए वही हकदार होंगे, जिन्होंने समय पर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। यानी पैरोल के 90 दिन पूरे होने के बाद जिन्होंने अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया हो। अब इस बार कितने कैदियों को राहत मिलती है, इस पर 31 मई को होने वाली बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

इन कैदियों को नहीं मिलेगी रहात

कोरोना काल में उन कैदियों को 90 दिन के लिए घर नहीं भेजा जाएगा, जोकि महिला उत्पीड़न, ड्रग्स, क्रप्शन, क्राइम व अन्य बड़े अपराधों में जेल में बंद किए गए हों।

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