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HRTC कर्मियों ने 26 जुलाई तक स्थगित किया आंदोलन, जानें इसके पीछे की वजह

हिमाचल प्रदेश (Himachal pradesh) में एचआरटीसी (HRTC) कर्मियों ने अपना आंदोलन 26 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर (Transport Minister Bikram Thakur) द्वारा वार्ता पर बुलाए जाने के चलते यह निर्णय लिया है।

HRTC कर्मियों ने 26 जुलाई तक स्थगित किया आंदोलन, जानें इसके पीछे की वजह
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश (Himachal pradesh) में एचआरटीसी (HRTC) कर्मियों ने अपना आंदोलन 26 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है। परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर (Transport Minister Bikram Thakur) द्वारा वार्ता पर बुलाए जाने के चलते यह निर्णय लिया है। परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के सचिव ने बताया कि एचआरटीसी के आंदोलनरत कर्मचारियों को परिवहन मंत्री ने 26 जुलाई को वार्ता के लिए बुलाया है। इस कारण कर्मचारियों ने अपना आंदोलन 26 जुलाई तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। आंदोलन की अगली रूपरेखा वार्ता के परिणाम पर निर्भर करेगी।

संयुक्त समन्वय समिति ने निर्णय लिया है कि 26 जुलाई को परिवहन मंत्री के साथ केवल एक मांग एक अधिकारी को निजी बस ऑपरेटर संघ की मांग के दौरान तबादला किए जाने बारे होगी। अन्य मांगों के बारे में पहले प्रबंध निदेशक स्तर की वार्ता की जाएगी। इसके उपरांत परिवहन मंत्री से औपचारिक वार्ता की जाएगी। आज से परिवहन सेवाएं आगामी निर्णय तक बहाल हो जाएंगी। बता दें कि एचआरटीसी आरएम शिमला लोकल के तबादले के विरोध में परिवहन कर्मी आंदोलन पर उतर आए थे। आज शिमला (Shimla) सहित पूरे हिमाचल में एचआरटीसी कर्मियों ने आंदोलन किया और बसें खड़ी कर अपना विरोध जताया।

शिमला, सोलन, नाहन, रामपुर, बिलासपुर, रोहडू, रिकांगपिओ, नालागढ़, ऊना, देहरा, हमीरपुर, सरकाघाट, पठानकोट, सुंदरगर में राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों ने धरना दिया। 40 फीसदी रुटों पर बसें नहीं चलीं। शिमला लोकल, ऊपरी शिमला में सुबह से लेकर शाम तक एक भी बस नहीं चली। शिमला के दस बजे के बाद दिल्ली चंडीगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों को जाने वाली बसों को नहीं भेजा गया। परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के आह्वान पर दूसरे राज्यों के लिए बस सेवा को बंद कर दिया। यहां के लिए रोजाना 500 बसें रवाना होती है, इसमें से 50 से ज्यादा बसें ही गईं। वे भी सुबह दस बजे से पहले रवाना हो गई थीं।

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