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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब बाहरी राज्यों में नहीं करवाई जाएगी एचएएस की लिखित परीक्षा

हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक लिखित परीक्षा बाहरी राज्यों में नहीं करवाई जाएगी। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग ने बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के फैसले को बदलते हुए अब प्रदेश में ही परीक्षा लेने का निर्णय लिया है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब बाहरी राज्यों में नहीं करवाई जाएगी एचएएस की लिखित परीक्षा
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फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक लिखित परीक्षा बाहरी राज्यों में नहीं करवाई जाएगी। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग ने बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के फैसले को बदलते हुए अब प्रदेश में ही परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए आयोग ने प्रदेश में जिला से लेकर तहसील स्तर तक परीक्षा केंद्र बनाने का नया फैसला लिया है। 13 सितंबर को हिमाचल में एचएएस 2019 की प्रारंभिक परीक्षा ली जानी है।

एचएएस के कुल 27 पदों के लिए 48,376 ने आवेदन किए हैं। इनमें 5084 आवेदक बाहरी राज्यों के हैं। आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने बताया कि जल्द ही तहसील स्तर तक परीक्षा केंद्र चिन्हित कर इसकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। लोक सेवा आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिमला और किन्नौर से 7339, सोलन से 2829, बिलासपुर से 2532, चंबा से 2343, हमीरपुर से 3270, कांगड़ा से 8327, कुल्लू-लाहौल स्पीति से 2975, ऊना से 2109, सिरमौर से 3117, मंडी से 6870 ने एचएएस परीक्षा के लिए आवेदन किया है। बाहरी राज्यों में रहने वाले 1601 हिमाचलियों ने भी इसके लिए आवेदन किया है।

इनके अलावा बाहरी राज्यों के 5084 लोगों ने भी आवेदन किए हैं। अंडमान और निकोबार, गोवा, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा से भी एक-एक आवेदन हुए हैं। बाहरी राज्यों में सबसे ज्यादा आवेदन पंजाब और चंडीगढ़ से किए गए हैं। यहां से 1217 लोगों ने आवेदन किए हैं। उत्तरप्रदेश से 786, उत्तराखंड से 346, हरियाणा से 1069, दिल्ली से 722, बिहार से 182, राजस्थान से 120, मध्य प्रदेश से 102, जम्मू-कश्मीर से 49, पश्चिम बंगाल से 32 आवेदन हुए हैं। कई अन्य राज्यों से भी पांच से दस के बीच में एचएएस के लिए आवेदन हुए हैं। बीते दिनों आयोग ने बाहरी राज्यों में भी परीक्षा केंद्र बनाने की बात कही थी लेकिन, तकनीकी कारणों के चलते अब प्रदेश के भीतर ही परीक्षाएं लेने का फैसला लिया गया है।


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