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हिमाचल में आज से खुलेंगे स्कूल-कालेज, मास्क पहनना होगा अनिवार्य

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच आज से प्रदेश के स्कूल-कालेजों में रेगुलर कक्षाएं लगेंगी। पूरे प्रोटोकाल व सरकार के आदेशों के बाद छात्रों को कक्षाओं में बैठाया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को कितने छात्र स्कूल में पहुंचे, इस पर नजर रखी जाएगी।

हिमाचल में आज से खुलेंगे स्कूल-कालेज, मास्क पहनना होगा अनिवार्य
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच आज से प्रदेश के स्कूल-कालेजों में रेगुलर कक्षाएं लगेंगी। पूरे प्रोटोकाल व सरकार के आदेशों के बाद छात्रों को कक्षाओं में बैठाया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को कितने छात्र स्कूल में पहुंचे, इस पर नजर रखी जाएगी। इसके आधार पर माइक्रो प्लान को देखते हुए शिफ्टों में छात्रों को बुलाने का फैसला होगा। अहम यह है कि सोमवार से प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट स्कूल, कालेजों के अलावा अकादमी, कोचिंग सेंटरों में भी छात्रों की कक्षाएं लग सकेंगी। हालांकि इसके लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी छोटे-बड़े शिक्षण संस्थानों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। छात्रों को क्लासरूम में बैठने की उचित व्यवस्था करनी होगी। एक बैंच छोड़कर छात्रों को बैठाना होगा।

शिक्षा विभाग ने स्कूल-कालेजों से डाटा मंगवा लिया है, वहीं स्कूल-कालेजों में पहले दिन कितने छात्र पहुंचे, इस बारे पूरा रिकार्ड भेजना होगा। शिक्षा विभाग चैक करेगा कि शिक्षण संस्थानों में पहले दिन क्या व्यवस्था की गई थी। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अगर संक्रमण के इस दौर में किसी भी शिक्षण संस्थान के प्रबंधन ने कोई लापरवाही की, तो ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मार्च माह के लंबे अंतराल के बाद अब नौवीं से 12वीं कक्षा व कालेज छात्रों की रेगुलर कक्षाएं लगेंगी। जयराम सरकार की कैबिनेट ने इसको लेकर मंजूरी दी थी। हालांकि स्कूल आने से पहले छात्रों को अभिभावकों का सहमति पत्र जरूरी होगा।

राज्य सरकार व शिक्षा विभाग इस पर कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता है। दो नवंबर से स्कूलों में करीब साढ़े पांच लाख छात्र स्कूलों में आना शुरू हो जाएंगे। वहीं कालेजों में फर्स्ट, सेकंड, थर्ड ईयर के छात्रों की भी शर्तों के अनुसार नियमित कक्षाएं लगेंगी। हालांकि सरकार ने फैसला लिया है कि छात्रों के लिए हाजिरी अनिवार्य नहीं होगी। इसके साथ ही स्कूल-कालेज प्रबंधन यह तय करेगा कि छात्रों की किस तरह से कक्षाएं लगानी हैं। दरअसल अगर किसी स्कूल में सौ से ज्यादा छात्र हुए तो प्रधानाचार्यों को अल्टरनेट-डे पर छात्रों को स्कूलों में बुलाना होगा।

वहीं, अगर किसी स्कूल, कालेज में छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग में बैठाने के लिए क्लासरूम नहीं होंगे, तो ऐसे में बोर्ड कक्षाओं के छात्रों की रेगुलर कक्षाएं शुरू करने को ज्यादा तवज्जो देनी होगी। इस दौरान पूरी व्यवस्था प्रबंधन को करनी होगी। स्कूल में आने वाले छात्रों को मास्क पहनकर आना होगा। स्कूल में सेनेटाइजर की सुविधा होनी चाहिए। इसके साथ ही थर्मल स्कैनिंग के बिना कोई भी छात्र स्कूल में इंटर नहीं होगा। सरकार की ओर से आदेश दिए गए हैं कि स्कूल, कालेज प्रबंधन को हर पीरियड के बाद छात्रों को हाथ धोने के लिए भेजना होगा। अहम यह है कि संक्रमण के दौरान पहली बार छात्रों के लिए खोले जा रहे स्कूलों में पूरी व्यवस्थाएं करनी होगी। वहीं राज्य सरकार की ओर से जारी की गई एसओपी के तहत ही स्कूलों में नियमों का पालन करना होगा।

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