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हिमाचल में प्रीपेड मीटर ने बढ़ाया सरकारी बजट, जांच शुरू

हिमाचल में स्मार्ट बिजली मीटरों को पूरे प्रदेश में लगाया जाना है। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को एक मोबाइल एप्लीकेशन अपने फोन पर डाउनलोड करनी होगी।

विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के मीटरों की जाँच, बिजली चोरी के मामले आये सामने
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बिजली मीटर (प्रतीकात्मक फोटो)

हिमाचल में स्मार्ट बिजली मीटरों को पूरे प्रदेश में लगाया जाना है। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को एक मोबाइल एप्लीकेशन अपने फोन पर डाउनलोड करनी होगी। इस एप की मदद से बिजली खपत की पूरी निगरानी हो जाएगी।

एप के जरिये उपभोक्ता किसी भी समय यह जान सकेगा कि उसने अब तक कितनी बिजली खपत की है। रीडिंग लेने के लिए भी कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर जाने की जरूरत नहीं होगी। लो वोल्टेज, बिजली बंद होने और बिजली चोरी करने की सूरत में कंट्रोल रूम में अपने आप जानकारी पहुंच जाएगी। यह मीटर इंटरनेट के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज हो सकते हैं। बिल जमा करवाने का विकल्प भी उपभोक्ताओं को मिलेगा। प्रदेश के दो स्मार्ट शहरों राजधानी शिमला और धर्मशाला में लगाए जाने वाले स्मार्ट बिजली मीटरों का डेढ़ साल में बजट दोगुना बढ़ गया है।

65 से 120 करोड़ बजट पहुंचने से अफसरशाही में हड़कंप है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह ने मामले पर जांच बैठा दी है। उन्होंने कहा कि मीटर लगने के बाद किसी तरह के सवाल न उठें, इसलिए जांच का फैसला लिया है। अन्य राज्यों में लगे स्मार्ट मीटरों की कीमतें जांचने में अधिकारी जुटे हैं।


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