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भर्तियों में गड़बड़ी पर एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. विनोद यादव बर्खास्त

एनआईटी हमीरपुर में अनियमितताओं के चलते जांच की जद में आए राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान हमीरपुर (एनआईटी) के डायरेक्टर प्रो. विनोद यादव को शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर पद से बर्खास्त कर दिया गया है।

भर्तियों में गड़बड़ी पर एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. विनोद यादव बर्खास्त
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एनआईटी हमीरपुर

एनआईटी हमीरपुर में अनियमितताओं के चलते जांच की जद में आए राष्ट्रीय प्रौद्योगिक संस्थान हमीरपुर (एनआईटी) के डायरेक्टर प्रो. विनोद यादव को शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर पद से बर्खास्त कर दिया गया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों में कहा गया है कि उन्हें अब दोबारा इलाहाबाद स्थित मोती लाल नेहरू एनआईटी में डिपार्टमेंट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रिपोर्ट करनी होगी, जहां से वह आए थे।

बता दें कि जुलाई में उनसे वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां छीन ली गईं थीं और उन्हें निलंबित कर दिया गया था। एमएचआरडी ने एनआईटी हमीरपुर का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे डा. भीम राव अंबेडकर एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. ललित अवस्थी को फिलहाल यहां का एडिशनल चार्ज नियमित रखने के निर्देश दिए हैं। सेवा से बर्खास्त किए गए प्रो. यादव को अब केवल अगले तीन माह की बेसिक सैलरी मिलेगी। उनकी बाकी सभी सहूलियतें वापस ले ली गई हैं। बता दें कि 23 मार्च 2018 को प्रो. विनोद यादव की एनआईटी में बतौर डायरेक्टर नियुक्ति हुई थी। उनका कार्यकाल पांच साल के लिए वर्ष 2023 तक था। 13 जुलाई 2020 को प्रो. यादव के खिलाफ जांच शुरू हुई थी।

एआईसीटी के चेयरमैन स्वयं मामले की जांच के लिए एनआईटी हमीरपुर पहुंचे थे और लगातार तीन दिन तक मामले की जांच करते रहे। उन्होंने यहां के क्लैरिकल से लेकर फैकल्टी और एडमिनिस्ट्रेशन से अकेले-अकेले पूछताछ की थी, जिसके बाद वे साक्ष्य जुटाकर दिल्ली वापस लौट गए। इस शुरुआती जांच में मंत्रालय ने प्रो. यादव पर लगे आरोपों को सही पाया है।

वहीं, देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने उनके टर्मिनेशन को तुरंत प्रभाव से मंजूरी दे दी है। बता दें कि राष्ट्रपति स्वयं एक बार इस एनआईटी का दौरा करके गए हैं। प्रो. यादव पर गाज गिरने के बाद अब अनियमितताओं में उनका साथ देने वाले स्टाफ पर भी कार्रवाई होना तय मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिन लोगों की गलत तरीके से नियुक्तियां हुई हैं, उनका क्या होता है और जो पात्र लोग बाहर किए गए थे, उन पर क्या फैसला बोर्ड की आगामी बैठक में आता है।

क्या है पूरा मामला

लगभग 30 साल पुराने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान की रैंकिंग में पिछले कुछ वर्षों से लगातार गिरावट आ रही थी, उस वक्त ज्यादा विवादों में आ गया, जब प्रो. यादव के कार्यकाल में उनके राज्य के लोगों की यहां धड़ाधड़ नियुक्तियां हुईं। इसकी शिकायतें लगातार एमएचआरडी के पास पहुंच रहीं थीं। एनआईटी हमीरपुर की रैंकिंग, जो कभी 14वें पायदान पर हुआ करती थी, वो 60वें स्थान के बाद सीधे ही 98वें स्थान पर पहुंच गई थी। इसके बाद जांच शुरू हुई और शनिवार को उनको बर्खास्त कर दिया गया।

प्रो. अवस्थी संभालेंगे अगले आदेश तक निदेशक का कार्यभार

एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. योगेश गुप्ता ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर जनरल मदन मोहन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के बाद प्रो. यादव को उनके पद से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी को आगामी आदेश तक एनआईटी हमीरपुर के निदेशक पद का भी दायित्व सौंपा है।


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