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एचआरटीसी कंडक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक, आरोपी परीक्षा केन्द्र के अंदर ले गया था मोबाइल

हिमाचल में एचआरटीसी कंडक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक हो गया है। शिमला में एपीजी यूनिवर्सिटी स्थित परीक्षा केंद्र में पेपर के दौरान एक अभ्यर्थी मोबाइल लेकर पहुंचा था।

एचआरटीसी कंडक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक, आरोपी परीक्षा केन्द्र के अंदर ले गया था मोबाइल
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल में एचआरटीसी कंडक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक हो गया है। शिमला में एपीजी यूनिवर्सिटी स्थित परीक्षा केंद्र में पेपर के दौरान एक अभ्यर्थी मोबाइल लेकर पहुंचा था। जानकारी के अनुसार इस अभ्यर्थी अपने मोबाइल से प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींची थीं, जिसे परीक्षा केंद्र में मौजूद निरीक्षक ने पकड़ लिया था। हालांकि अभ्यर्थी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। इसके बाद केंद्र ने इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस तुंरत मौके पर पहुंची। एसपी मोहित चावला, छोटा शिमला थाने के एसओ डीएसपी दिनेश शर्मा, एसएचओ प्रवीण ठाकुर समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

पुख्ता सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि शाम होते-होते पुलिस ने उस अभ्यर्थी को पकड़ लिया है, जिसने पेपर लीक किया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अभ्यर्थी की पहचान रोहड़ू निवासी लक्की शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर अपने भाई को भेजी है। अब पुलिस उसको भी हिरासत में लेगी, जिसे अभ्यर्थी अपना भाई बता रहा है। संभव है कि जल्द उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी।

इस मामले में एसपी मोहित चावला ने कहा कि इसकी पुष्टि हो चुकी है कि प्रश्न-पत्र की फोटो इसी परीक्षा केंद्र में खींची गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन जारी है। एसपी ने कहा कि फिलहाल इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता सकते, लेकिन इतना जरूर है कि मामला बड़ा है, कुछ जिलों के एसपी के साथ शिमला पुलिस संपर्क में है और कर्मचारी चयन आयोग के चैयरमेन भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर एक-दो लीड मिली हैं, जिन पर जांच चल रही है।

कर्मचारी आयोग के मुताबिक कंडक्टर के 568 पदों के लिए करीब 60 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। प्रदेशभर में 304 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पुलिस की जांच के बाद साफ हो पाएगा कि इसके तार कहां-कहां और किस स्तर पर जुड़े हुए हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि इस भर्ती पर क्या फैसला लिया जाएगा। इससे पहले भी 2003 में कांग्रेस सरकार में हुई भर्तियों में बबाल हुआ था, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। राज्य में जब-जब कंडक्टर की भर्तियां हुई हैं, कोई न कोई विवाद सामने आया है।

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