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Diwali 2020: राजधानी शिमला के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में नहीं बेचे जाऐंगे पटाखे

हिमाचल में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने देश के कई बड़े शहरों में पटाखों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रशासन ने पटाखे बेचने और जलाने में लिए कुछ चुनिंदा जगह चिन्हित की है।

Diwali 2020: राजधानी शिमला के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में नहीं बेचे जाऐंगे पटाखे
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने देश के कई बड़े शहरों में पटाखों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रशासन ने पटाखे बेचने और जलाने में लिए कुछ चुनिंदा जगह चिन्हित की है। प्रशासन ने शिमला के लोअर बाजार और छोटी-बड़ी दुकानों में पटाखे बेचने पर रोक लगा दी है।

लेकिन दिवाली का त्योहार मनाने वालों के लिए पटाखे की खरीदारी और बेचने के लिए 12 जगह चिन्हित की हैं जहां लोग स्टॉल लगाकर पटाखे खरीद और बेच सकते हैं।दरअसल शिमला शहर में कई जगहों पर पटाखे बेचने के लिए जगह चयन की गई है, उनमें आइस स्केटिंग क्लब, बालूगंज मंदिर, संजौली, नाभा पीडब्लूडी पार्किंग, खलीणी बाइपास, समरहिल ग्राउंड, रेलवे स्टेशन के पास समेत कुल 12 जगह चिन्हित की हैं जहां पटाखे खरीदे जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने त्योहारों को लेकर पूरी तैयारियां की हैं।

वहीं शहर के कारोबारियों पर सख्त नियम भी लागू किए हैं। बता दें कि हर साल दिवाली के त्योहार पर शिमला में हर दुकान के बाहर पटाखे खरीदे और बेचे जाते हैं। इससे अक्सर जहां आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं इससे आगजनी की कई घटनाएं भी होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए दिवाली के कई दिनों पहले दुकानों के बाहर पटाखे बेचने पर रोक लगा दी है।

शिमला के डीसी आदित्य नेगी ने बताया कि पटाखे बेचने के लिए शहर में 12 जगहों की पहचान की गई है। यदि इसके बाद भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर कोई पटाखे बेचते हुआ पकड़ा जाएगा तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए संबंधित विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर में जितने भी फायर हाइड्रेंट लगे हैं उनकी जांच कर पर्याप्त मात्रा में पानी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि आग लगने जैसी दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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