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दिल्ली एम्स ने दी जारकारी, कोरोना के गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर न रखने की सलाह, मंडी में ऐसे आ रहे मामले सामने

केन्द्र ने कोरोना से पॉजिटिव गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखने से मना किया है। वेंटिलेटर पर रोगियों का सरवाइवल रेट बहुत ही कम है। यह कहना है एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों का।

दिल्ली एम्स ने दी जारकारी, कोरोना के गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर न रखने की सलाह
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प्रतीकात्मक तस्वीर

केन्द्र ने कोरोना से पॉजिटिव गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखने से मना किया है। वेंटिलेटर पर रोगियों का सरवाइवल रेट बहुत ही कम है। यह कहना है एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों का हाल ही में हुई एम्स के विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों को कोविड संक्रमण के गंभीर रोगियों को वेंटिलेटर परन रखने की सलाह दी है।

बताया जा रहा है कि मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर पर रखे गए संक्रमितों का सरवाइवल रेट जीरो है। मंडी जिले में अब तक कोरोना से करीब 61 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। यहां पचास के करीब संक्रमितों को गंभीर अवस्था में वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन किसी को नहीं बचाया जा सका। बता दें कि कोरोना महामारी के बीच केंद्र सरकार ने हिमाचल को 500 वेंटिलेटर निशुल्क दिए हैं।

इनमें 178 ट्रांसपोर्ट, जबकि अन्य आईसीयू वेंटिलेटर हैं। अकेले मंडी जिले को ही 46 के करीब वेंटिलेटर दिए गए हैं। उधर, नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी ठाकुर ने माना कि वेंटिलेटर पर कोविड संक्रमितों का सरवाइवल रेट बहुत कम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एम्स विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई है, जिसमें कोविड संक्रमण के गंभीर रोगियों को वेंटिलेटर पर न रखने की सलाह दी है।

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