Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Corona को हल्के में लेने वाले हो जाएं सावधान, शिमला में दो परिवारों में इतनी लोगों की गई जान

Covid-19: कोरोनावायरस को लोग अधिकतर हल्के में लेते रहे हैं लेकिन शिमला से कोरोना की एक डरावनी खबर सामाने आई है। कोरोना कितना घातक हो सकता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिमला जिला के मतियाना क्षेत्र में पूरा का पूरा परिवार इस वायरस की भेंट चढ़ गया है।

Corona को ना लें हल्के में: Shimla में कोरोना ने ली दो परिवारों के आठ लोगों की जिंदगी
X

प्रतीकात्मक तस्वीर

Covid-19: कोरोनावायरस को लोग अधिकतर हल्के में लेते रहे हैं लेकिन शिमला से कोरोना की एक डरावनी खबर सामाने आई है। कोरोना कितना घातक हो सकता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिमला जिला के मतियाना क्षेत्र में पूरा का पूरा परिवार इस वायरस की भेंट चढ़ गया है। शिमला के मतियाना और कोटखाई के पांदली में दो परिवारों के आठ सदस्यों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे पहले मतियाना में एक परिवार के 80 साल के बुजुर्ग संक्रमित हुए। ठियोग में इनका कोरोना का टेस्ट लिया गया। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें शिमला आईजीएमसी लाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही 24 नवंबर को उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी, जो कि 75 साल की थी, वह भी संक्रमित हो गई। तीन दिसंबर को उनकी भी कोरोना से मौत हो गई। इसके बाद परिवार के आखिरी सदस्य और उनके बेटे (42) की भी कोरोना के कारण चार दिसंबर को उनकी मौत हो गई। इस तरह परिवार के सभी कोरोना से मौत का ग्रास बन गए।

इसके बाद 80 साल के बुजुर्ग के भाई की पोती, जिसकी उम्र महज 27 साल की थी, वह भी संक्रमित पाई गई। आईजीएमसी में उपचार के दौरान पहली दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद बुजुर्ग के भानजे की भी तबीयत खराब हुई। उसकी उम्र 66 साल थी। डीडीयू अस्पताल शिमला में 13 नवंबर को वह भी मौत का ग्रास बन गए। इस तरह एक ही परिवार के पांच सदस्य कोविड की भेंट चढ़ गए। वहीं, दूसरी और कोटखाई के पांदली में भी एक ही परिवार के तीन सदस्य संक्रमण का शिकार हुए और मौत का ग्रास बन गए।

कोटखाई के पादली में रहने वाले तीन भाई-बहन कोविड से मौत का ग्रास बने। सबसे पहले 59 साल का व्यक्ति संक्रमित हुआ। डीडीयू में चार दिसंबर को इनकी मौत हो गई। इसके बाद दूसरा भाई, जिनकी उम्र 69 साल की थी, वे भी कोरोना से संक्रमित हुए। शिमला में उपचार चल रहा था। चार दिसंबर को ही उनकी भी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अपने भाई की मौत के आधे घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

इसके बाद उनकी 52 साल की बहन भी संक्रमित पाई गई। उसका भी शिमला में उपचार चल रहा था, लेकिन 11 दिसंबर को वह भी मौत का ग्रास बन गई। ऐसे में कोरोना ने अपर शिमला के दो परिवारों के आठ सदस्यों को अकाल मृत्यु का ग्रास बना दिया। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों से ऐसी रिपोर्ट मंगवाई है, जिसमें एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्य कोविड से मौत का ग्रास बने हों।

Next Story