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दुनिया की टाॅप टेन सुरंग में गिनी जाएगी अटल रोहतांग टनल, टनल के भीतर भी बजेंगी मोबाइल की घंटियां

हिमालच में चार हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही अटल टनल कुछ ही दिनों में बनकर तैयार होगी। यह दुनिया की पहली नौ किलोमीटर लंबी टनल है, जिसका निर्माण कार्य 10 हजार फुट की ऊंचाई पर किया गया है।

दुनिया की टाॅप टेन सुरंग में गिनी जाएगी अटल रोहतांग टनल, टनल के भीतर भी बजेंगी मोबाइल की घंटियां
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमालच में चार हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही अटल टनल कुछ ही दिनों में बनकर तैयार होगी। यह दुनिया की पहली नौ किलोमीटर लंबी टनल है, जिसका निर्माण कार्य 10 हजार फुट की ऊंचाई पर किया गया है। इस टनल का निर्माण जहां ऑस्ट्रेलियन टनल टेक्नोलॉजी से किया गया है, वहीं यह इंजीनियरिंग की भी अनोखी मिसाल होगी। ऐसे में इसे दुनिया की टॉप टेन टनलों में गिना जा रहा है।

बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि मनाली के धुंधी से लाहुल के लिए बनाई गई अटल टनल को दुनिया की टॉप टेन टनलों में इसलिए भी शामिल किया गया है, क्योंकि इस टनल में जिस तरह से अधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, वह अपने आप में काफी खास है। यह टनल देश की पहली दो मंजिला टनल है, जिसकी धरातल मंजिल भी नौ किलोमीटर लंबी है, जिसे एमर्जेंसी में उपयोग किया जा सकता है। यही नहीं, अटल टनल में प्रवेश करने के बाद भी जहां आप विश्व के संपर्क में रहेंगे, वहीं टनल के भीतर भी मोबाइल फोन की घंटियां बजेंगी, यानी आपका मोबाइल फोन आउट ऑफ नेटवर्क नहीं होगा। टनल के भीतर अपनी ब्रॉडकास्टिंग प्रणाली की सुविधा भी रहेगी।

इस सुरंग के हर 150 मीटर पर दूरभाष सुविधा यात्रियों को उपलब्ध करवाई जाएगी, जो किसी भी आपातकालीन समय में आपका जीवन बचाने में किसी ब्रह्मअस्त्र से कम नहीं होगी। अटल टनल की खूबियां यहीं नहीं थमती हैं। टनल से गुजरने वाले यात्रियों को सुरंग के भीतर हर 60 मीटर में फायर हाइड्रेंट लगे असानी से देखने को मिलेंगे, वहीं यह सुरंग पूरी तरह फायर पू्रफ भी होगी। टनल के हर 500 मीटर में आपातकालीन गेट बनाए गए हैं। टनल प्रबंधन का कहना है कि अटल टनल में 2.2 किमी पर कैवर्न मोड़ के साथ हर एक किलोमीटर में वायु गुणवत्ता निगरानी सेंसर भी लगाए गए हैं। अटल टनल के हर 250 मीटर में सीसीटी टीवी कैमरे के साथ स्वचालित घटना का पता लगाने की प्रणाली स्थापित की गई है। बीआरओ द्वारा की गई ताजा जीपीएस अध्ययन से यह पता चला है कि यह सुरंग नौ किलोमीटर लंबी है। तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दुनिया की सबसे लंबी सुरंग होगी, जिसके बनने के बाद मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम करेगी।

रोहतांग में अटल सुरंग बनकर लगभग तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में इसका उद्घाटन करेंगे और इसे देश को समर्पित करेंगे। बीआरओ ने टनल के उद्घाटन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना भी शुरू कर दिया है। अटल टनल के बन जाने के बाद मनाली से केलांग मात्र एक घंटे में पहुंच सकेंगे। वर्तमान समय में मनाली से केलांग के लिए करीब चार से पांच घंटे का समय लगता है। टनल के बनने के बाद लोग मात्र एक घंटे में लाहुल-स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग में होंगे।

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