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देश की सबसे लंबी अटल रोहतांग टनल बनकर तैयार, दिन-रात जलती रहेंगी लाइट्स

देश की सबसे लंबी टै्रफिक टनल उद्घाटन की लिए तैयार है और अब बीआरओ को पीएमओ कार्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के तय होने का इंतजार है। दस हजार फुट फुट की ऊंचाई पर बनाई गई अटल टनल की एक खासियत यह भी है कि सुरंग में कभी भी अंधेरा नहीं छाएगा और टनल हमेशा दुधिया रोशनी से जगमगाती रहेगी।

देश की सबसे लंबी अटल रोहतांग टनल बनकर तैयार, दिन-रात जलती रहेंगी टनल में लाइट्स
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अटल रोहतांग टनल

देश की सबसे लंबी टै्रफिक टनल उद्घाटन की लिए तैयार है और अब बीआरओ को पीएमओ कार्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के तय होने का इंतजार है। दस हजार फुट फुट की ऊंचाई पर बनाई गई अटल टनल की एक खासियत यह भी है कि सुरंग में कभी भी अंधेरा नहीं छाएगा और टनल हमेशा दुधिया रोशनी से जगमगाती रहेगी। करोड़ों रुपए की लागत से अटल टनल के इलेक्ट्रिकल कार्य को अंजाम दिया गया है, वहीं टनल में इस तरह की लाइट्स लगाई गई हैं, जो दिन-रात जलती रहेंगी और टनल के भीतर से गुजरने वाले लोगों का सफर आसान करेंगी।

यही नहीं, बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि टनल के नोर्थ व साउथ पोर्टल पर विशाल जेनरेटर भी स्थापित किए गए हैं। ऐसे में अगर कभी बिजली जाती भी है, तो जेनरेटर के माध्यम से टनल के भीतर बिजली की सप्लाई की जाएगी। यही नहीं, परियोजना प्रबंधन ने इस बात का खुलासा किया है कि टनल के कंट्रोल रूम में ऐसी व्यवस्था की गई है कि बिजली जाने की सूरत में आठ से दस घंटे का बिजली का बैकअप असानी से मिल सकता है, जिसके माध्यम से भी सुरंग के अंदर की लाइटें जगमगाती रहेंगी। बता दें कि दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित धुंधी का अधिकतर क्षेत्र ग्लेशियरों के रास्ते पर है या यूं कहें कि सर्दियों में इस क्षेत्र के कुछ स्थलों पर ग्लेशियरों के गिरने का खतरा बना रहता है।

ऐसे में परियोजना प्रबंधन ने सुरंग के रास्ते पर उन सभी स्थलों को चिन्हित कर स्न्नो गैलरी का निर्माण भी किया है, ताकि टूटते ग्लेशियर भी राहगीरों का रास्ता न रोक सकें। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां अटल टनल का निर्माण कार्य किया गया है, वहीं इसके इलेक्ट्रिक वर्क को बड़ी बारीकी से अंजाम दिया गया है। ऐसे में नौ किलोमीटर लंबी अटल टनल को बीआरओ ने जहां पूरी तरह तैयार कर दिया है, वहीं हाल ही में बीआरओ के डीजी ने भी टनल का जायजा लिया है और उन्होंने खुलासा किया है कि टनल अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है।

सेना के लिए ब्रह्मास्त्र से कम नहीं सुरंग

चार हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई अटल टनल समारिक दृष्टि से भी काफी महत्त्वपूर्ण है। सेना के लिए जहां यह टनल किसी ब्रहास्तर से कम नहीं है, वहीं मनाली से लेह पहुंचना भी असान हो जाएगा।

अब उद्घाटन का इंतजार

बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि अटल टनल उद्घाटन के लिए तैयार है। अब पीएमओ से प्रधानमंत्री के जारी होने वाले कार्यक्रम का इंतजार है। हलांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी माह के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल टनल को देश को समर्पित करेंगे।

12 घंटे में मनाली से लेह

मनाली से लेह की दूरी करीब 46 किलोमीटर कम होगी, वहीं मनाली से लेह की 16 घंटे की यात्रा भी 12 घंटे में तय की जा सकेगी। लाहुल-स्पीति प्रशासन का कहना है कि टनल के बनने के बाद घाटी का पर्यटन करोबार रफ्तार पकड़ेगा। सैलानी साल भर लाहुल पहुंच सकेंगे।

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