Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

एंग्जाइटी और डिप्रेशन की बीमारी से पीडि़त थे पूर्व डीजीपी अश्वनी कुमार

हिमाचल के पूर्व डीजीपी, सीबीआई डायरेक्टर और दो राज्यों के गर्वनर अश्वनी कुमार के सुसाइड मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह एंग्जाइटी और डिप्रेशन की बीमारी से पीडि़त थे।

एंग्जाइटी और डिप्रेशन की बीमारी से पीडि़त थे पूर्व डीजीपी अश्वनी कुमार
X
पूर्व डीजीपी अश्वनी कुमार

हिमाचल के पूर्व डीजीपी, सीबीआई डायरेक्टर और दो राज्यों के गर्वनर अश्वनी कुमार के सुसाइड मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह एंग्जाइटी और डिप्रेशन की बीमारी से पीडि़त थे। यहां पर डॉक्टरों ने उन्हें एमआरआई करवाने के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने आत्महत्या कर ली। हालांकि लोग फर्जी डिग्री मामलों से भी इसे जोड़ रहे हैं, लेकिन डीजीपी संयज कुंड्डू ने इसे खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी एविडेंस नहीं मिला है। बता दें कि पूर्व डीजीपी अश्वनी कुमार 1973 बैच के आईपीएस थे। वह मणिपुर-नगालैंड के गवर्नर रहने के साथ सीबीआई के निदेशक भी रहे थे। सूत्रों के अनुसार वह हाल ही में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर थे, जो कि फर्जी डिग्री मामले में फंसी हुई है।

डिप्रेशन में जाने का मुख्य कारण मुंबई में बेटे के साथ एक कमरे में रहना बताया जा रहा है। क्योंकि बड़े पदों के ठाठ के बाद उन्हें वैसा माहौल नहीं मिल रहा था, जैसा वह चाहते थे। ऐसे में वह लगातार यही सोचते रहते थे कि इतना बेहतर कैरियर होने के बाद भी वह कहां है। हालांकि गुरुवार को आईजीएमसी में उनके शव का पोस्टमार्टम किया गया है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है।

इसके बाद ही पुलिस अपनी आगामी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। परिवार के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान बताया कि जिस दिन उन्होंने सुसाइड किया है कि उस दिन दोपहर का खाना उन्होंने परिवार के साथ खाया था। शाम को वह शिमला स्थित कालीबाड़ी मंदिर भी गए। इसके बाद जब वह पूजा करने गए, तो उन्होंने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया था। परिवार के सदस्यों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा भी कदम उठा लेंगे। बताया जा रहा है कि बीमारी के उपचार के लिए वह आईजीएमसी भी गए थे।


Next Story