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Education News: वायरस से बचने के लिए अब छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पढ़ाया जाएगा

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लॉकडाउन को तीन माह से भी अधिक समय हो चुका है। पिछले तीन माह से सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है।

ऑनलाइन पढ़ाई से मानसिक तौर पर बीमार हो रहे बच्चे, इस तरह की हो रही परेशानियां
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ऑनलाइन अध्ययन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लॉकडाउन को तीन माह से भी अधिक समय हो चुका है। पिछले तीन माह से सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है। लेकिन अब तक एक सत्र का सिलेबस पूरा नहीं हो सका है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सोमवार से करीब डेढ़ माह ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होगी। सोमवार से सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ही पढ़ाया जाएगा। 20 जुलाई से दूरदर्शन और रेडियो के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाए जाएंगे। आगामी आदेशों तक अधिकांश शिक्षकों पर वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था ही लागू रहेगी। स्कूलों में दाखिलों को लेकर प्रिंसिपल जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को बुला सकेंगे। 18 मई से स्कूलों में छुट्टियां होने के चलते ऑनलाइन पढ़ाई बंद कर दी गई थी।

अब छुट्टियों का कोटा समाप्त होते ही सरकार ने पढ़ाई शुरू करवाने को मंजूरी दे दी है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग ने एक माह का कंटेंट तैयार कर लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि दूरदर्शन और रेडिया से पढ़ाई सोमवार से शुरू नहीं होगी। 20 जुलाई से इन दोनों माध्यमों को शुरू किया जाएगा। जमा एक कक्षा में 13 जुलाई से 31 जुलाई तक दाखिलों की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

सभी प्रधानाचार्यों को ऑनलाइन माध्यम से ही दाखिले करने को कहा गया है। जो विद्यार्थी ऑनलाइन दाखिले नहीं करवा सकेंगे, वे अपने अभिभावकों या परिचितों के माध्यम से भी स्कूल में फार्म भेजकर दाखिले करवा सकेंगे। जो विद्यार्थी किन्हीं कारणों से 31 जुलाई तक दाखिले करवाने में सक्षम नहीं होंगे, उनके दाखिले के कारणों को देखते हुए अगस्त में भी हो जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि प्रधानाचार्यों को दाखिले करने के लिए अभिभावकों को फोन कर सूचित करने को कहा गया है।

ऑनलाइन पढ़ाई से नहीं जुड़ सके विद्यार्थियों के घर अब नोट्स पहुंचाए जाएंगे। नवीं से 12वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु बनाए रखने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। विशेष बच्चों को भी घर में ही नोट्स दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार से ऐसे विद्यार्थियों की पहचान शुरू की जाएगी।


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