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Himachal Pradesh: कोरोना कर्फ्यू पर आज फैसला लेगी सरकार, पाबंदियां जारी रहने के आसार

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में कोविड (Covid) की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर सरकार (State Government) नए फैसले लेगी। साढ़े 10 बजे पीटरहॉफ में होने वाली बैठक में अनलॉक की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।

Himachal Pradesh: कोरोना कर्फ्यू पर आज फैसला लेगी सरकार, पाबंदियां जारी रहने के आसार
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में कोविड (Covid) की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर सरकार (State Government) नए फैसले लेगी। साढ़े 10 बजे पीटरहॉफ में होने वाली बैठक में अनलॉक की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा। देखना यह है कि सरकार अनलॉक (Unlock) शुरू करती है या फिर कर्फ्यू को आगे बढ़ाया जाएगा। जिस तरह के संकेत स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को अपनी प्रेजेंटेशन के माध्यम से सरकार को दिए हैं, उससे साफ है कि कोरोना से संक्रमण के मामले अब धीरे-धीरे कम होने शुरू हो चुके हैं।

वहीं, जिस तरह का ग्राफ स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने बनाया है, वह सुखद संकेत देने वाला है, मगर फिर भी सरकार अभी विचार करेगी कि क्या करना है। दूसरे कई राज्यों ने अपने यहां पर लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया है और हिमाचल में भी विचार यही चल रहा है कि फिलहाल चार-पांच दिन और इसको बढ़ा दिया जाए, लेकिन सरकार पर भी कई वर्गों का दबाव है। खासकर आर्थिक स्थिति को लेकर खुद सरकार भी चिंतित है, क्योंकि सभी सरकारी (Government) कामकाज रुके हुए हैं। टैक्स कलेक्शन का काम पूरी तरह से रुका हुआ है, ऐसे में सरकार का खजाना भी खाली होता जा रहा है।

कई सरकारी उपक्रमों की हालत खराब हो चुकी है, जहां पर वेतन देने तक के लिए पैसा नहीं है। ऐसे में सरकार को इस पक्ष को भी देखना है। यहां कई ऐसे कारोबारी हैं, जो लॉकडाउन (Lockdown) के चलते फंस चुके हैं। इनकी हालत काफी ज्यादा खराब हो चुकी है। टूरिज्म सेक्टर की ही बात करें तो टूरिज्म पूरी तरह से बंद पड़ा है, हालांकि कागजों में इसको खुला रखा गया है, परंतु इससे जुड़ा रोजगार पूरी तरह से खत्म है।

वहीं, दूसरे कारोबारी भी परेशान हैं और सरकार को चेतावनी भी दे चुके हैं। सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में सभी दलीलों को सुना जाएगा, जिसके बाद सरकार फैसला लेगी। मुख्यमंत्री ने यहां पर एक्टिव केस फाइंडिंग की तरह नया अभियान (campaign) शुरू करने का ऐलान किया है, जिसमें जन प्रतिनिधियों का सहयोग लेंगे। इसका ग्रामीण स्तर तक स्वागत किया जा रहा है, क्योंकि घरों में लोग छिपे हैं, जो सर्दी-जुकाम के बाद भी टेस्टिंग नहीं करवा रहे। लोग भी चाहते हैं कि ऐसे लोगों को टेस्ट के लिए निकाला जाए। इस अभियान को आगे कैसे चलाया जाएगा, इस पर भी सरकार विचार करेगी और कैबिनेट में इस पर भी निर्णय लिया जाएगा।

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