Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कोरोना की बीमारी छुपाने वालों के खिलाफ होगी एफआईआर, इस पंचायत ने लिया यह फैसला

हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona) के मामलों में तेजी से बढ़ौतरी हो रही है। सरकार (Government) लगातार बंदिशे बढ़ा रही हैं। नियम भी कड़े किए गए हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों से जानकारी निकल कर आ रही है रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं

कोरोना की बीमारी छुपाने वालों के खिलाफ होगी एफआईआर, इस पंचायत ने लिया यह फैसला
X

प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona) के मामलों में तेजी से बढ़ौतरी हो रही है। सरकार (Government) लगातार बंदिशे बढ़ा रही हैं। नियम भी कड़े किए गए हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों से जानकारी निकल कर आ रही है रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं, जबकि महामारी अब ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच गई है। शहरों के भीतर पुलिस (Police) का पहरा होता है, लेकिन ग्राम स्तर पर चैकिंग न के बराबर है, जिसके चलते लोग कोताही बरत रहे हैं। इस बीच शिमला जिले की एक पंचायत ने मिसाल कायम की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राम पंचायत सोलंग ने फैसला किया है कि पंचायत में अगर कोई इस बीमारी को छुपाता है तो पंचायत उसके खिलाफ खुद पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करवाएगी। बीमारी छुपाने वाले के परिवार के खिलाफ भी मुकद्दमा दर्ज करवाया जाएगा। इस पंचायत की सीमाएं उत्तराखंड के साथ लगती हैं। हाल ही में पंचायत ने कोरोना को लेकर एक आपातकालीन बैठक की। नियमों की पालना के लिए पंचायत सदस्यों ने पंचायती राज अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग कर अपने स्तर पर कई कड़े फ़ैसले लिए।

आपको बता दें कि पंचायत ने फैसला किया है कि पंचायत क्षेत्र में सभी दुकानदारों को बिना मास्क और गलब्ज के सामान बेचते पाया गया तो उनसे 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पूरी पंचायत में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से जो भी आएगा, उसकी आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट चैक की जाएगी और उसे 7 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा, आशा वर्कर इनकी निगरानी करेंगी। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति का परिवार 14 दिनों तक आवश्यक क्वारंटीन रहेगा।

वहीं आँगनबाड़ी और आशावर्कर अपने क्षेत्र की मेडिकल हिस्ट्री और हालात से लगातार पंचायत को अवगत करवाती रहेंगी। इसके अलावा पंचायत में भी केवल आपात स्थिती में ही गाड़ियां चलाने की अनुमति दी गई है। बैठक की अध्यक्षता पंचायत प्रधान पवन कुमार ने की। इस बैठक में ज़िला परिषद् सदस्य कौशल मुंगटा, उपप्रधान मेहर सिंह चौहान, पंचायत सचिव संजीव मेहता भी मौजूद रहे। फैसलों के बारे में रोहड़ू उपमंडल अधिकारी समेत खंड विकास अधिकारी को भी सूचना दे दी गई है।

Next Story