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प्रदेश में अब गांव-कस्बों में भी होंगे कोविड टेस्ट, बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया फैसला

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब सैंपलिंग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग (health Department) शहरों, कस्बों, गांवों, महाविद्यालयों, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और खाली स्थानों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट बूथ स्थापित करेगा।

प्रदेश में अब गांव-कस्बों में भी होंगे कोविड टेस्ट, बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया फैसला
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब सैंपलिंग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग (health Department) शहरों, कस्बों, गांवों, महाविद्यालयों, स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और खाली स्थानों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट बूथ स्थापित करेगा। इस संबंध में निर्देश (Instructions) जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में जीवन धारा मोबाइल हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर्ज के माध्यम से भी रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid antigen test) की सुविधा शुरू की जाएगी।

वहीं इसके अलावा हिमाचल में अब रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले लोगों को तुरंत होम आइसोलेट किया जाएगा। उनसे आरटी-पीसीआर टेस्ट होने तथा रिपोर्ट मिलने तक होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए। सरकार ने टेस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में वॉक इन कियोस्क स्थापित करने के लिए पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन को सार्वजनिक और निजी प्रयोगशालाओं में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग सुविधा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को तुरंत कोविड पॉजिटिव मरीज के रूप में होम आइसोलेट किया जाएगा और परीक्षण टेस्ट नेगेटिव आने वाले लोगों को आरटी-पीसीआर सुविधा से जोड़ा जाएगा। उनसे आरटी-पीसीआर टेस्ट होने तथा रिपोर्ट मिलने तक होम आइसोलेशन व उपचार करने का आग्रह किया जा रहा है।

इसके अलावा जिन लोगों में कफ और कफ रहित बुखार, सिरदर्द, गला खराब होना, शरीर में दर्द, सांस लेने में दिक्कत होना, स्वाद और सुगंध की शक्ति क्षीण होना, थकावट और डायरिया जैसे लक्षण पाए जाते है, उन्हें भी कोरोना संदिग्ध माना जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डा. निपुण जिंदल ने अपनी टीम के सदस्यों के साथ आईजीएमसी स्थित आरटी-पीसीआर प्रयोगशाला का दौरा कर कोरोना टेस्ट की लंबित हो रही रिपोर्ट के संबंध में जानकारी हासिल की है। प्रयोगशाला की वर्तमान क्षमता को बढ़ाने, लैब के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध करवाने का भी निर्णय लिया है।

आइजीएमसी को एक और आरटी-पीसीआर मशीन और ऑटोमेटिड आरएनए एक्स्ट्रेक्टर तथा टीएमसी को एक ऑटोमेटिड आरएनए एक्स्ट्रेक्टर प्रदान किए जाएंगे। राज्य सरकार ने कोरोना संबंधी जांच को बढ़ाने के लिए छह मई को आरटी-पीसीआर लैब के संचालन के लिए 29 अतिरिक्त श्रम शक्ति जुटाने को भी मंजूरी प्रदान की है। प्रयोगशाला प्रभारियों को भी निर्देश दिए कि टेस्ट रिपोर्ट तैयार होने के तुरंत बाद संबंधित व्यक्ति को उसकी टेस्ट रिपोर्ट से संबंधित मैसेज भेजा जाए।

राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में भी ट्रूनॉट टेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाने की अनुमति प्रदान की है। सरकार द्वारा दो अस्पतालों को प्रदान की गई अनुमति में एक कांगड़ा और एक सिरमौर में है। निजी क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा दिसंबर 2020 में टेस्ट की शुल्क दरें सभी प्रकार के करों सहित प्रति टेस्ट दो हजार रुपए निधार्रित की गई है और रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए शुल्क प्रति टेस्ट 300 रुपए निधारित किया गया है। ऐसी सभी प्रयोगशालाओं व अस्पतालों को निर्धारित शर्तो के अनुसार संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लॉग-इन-आईडी लेने की आवश्यकता होती है। निजी क्षेत्र में अब तक 20 लैबों व अस्पतालों में इस टेस्ट सुविधा को शुरू किया गया है।

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