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By-Election: जुब्बल-कोटखाई में कम होती नहीं दिख रही भाजपा की मुश्किलें, अब जिला कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में इस महीने उपचुनाव (By-Election) होने हैं। शिमला जिले (Shimla district) के जुब्बल-नावर-कोटखाई में भी चुनाव (Election) होना है। यहां भाजपा को चेतन बरागटा (Chetan Bragta) का टिकट काटना भारी पड़ता जा रहा है।

By-Election: जुब्बल-कोटखाई में कम होती नहीं दिख रही भाजपा की मुश्किलें, अब जिला कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में इस महीने उपचुनाव (By-Election) होने हैं। शिमला जिले (Shimla district) के जुब्बल-नावर-कोटखाई में भी चुनाव (Election) होना है। यहां भाजपा को चेतन बरागटा (Chetan Bragta) का टिकट काटना भारी पड़ता जा रहा है। इस सीट पर भाजपा की परेशनी लगातार बढ़ती ही जा रहीं हैं। बता दें कि चेतन बरागटा का टिकट कटने से नाराज भाजपा मंडल के सभी पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। आज भाजपा मंडल अध्यक्ष ने पूरी कार्यकारिणी सहित अपना त्याग पत्र पार्टी हाईकमान को भेज दिया है। साथ ही युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष सहित सैकड़ों पदाधिकारियों ने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया है। भाजपा जिला कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों ने भी अपने इस्तीफे दे दिए हैं।

आपको बता दें कि उपचुनाव में चेतन बरागटा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा मंडल सहित बूथ स्तर के पदाधिकारी भी चेतन बरागटा के साथ चुनाव अभियान में जुड़ गए हैं। चेतन बरागटा का भाजपा प्रदेश आईटी संयोजक पद से निष्कासन के बाद शुवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित भाजपा पदाधिकारियों ने भी अपने पदों से त्याग पत्र दे दिया है।

यहीं नहीं महिला मोर्चा अध्यक्ष नैना तनेटा, युवा मोर्चा अध्यक्ष जतिन चौहान, किसान मोर्चा अध्यक्ष मनोज सुंटा ने सैकड़ों पदाधिकारियों सहित त्याग पत्र पार्टी हाईकमान को भेज दिया है। इसके अतिरिक्त भाजपा के बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारियों में इस्तीफे देने की होड़ लग गई है। फेसबुक पर पोस्ट डालकर सभी अपने पदों से त्यागपत्र दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैईक ने बताया कि पार्टी ने नरेंद्र बरागटा के बेटे को पिता के निधन के 15 दिनों के अंदर ही क्षेत्र में जिम्मेदारी सौंपी। चेतन बरागटा को घुमाकर उन्हें क्षेत्र से भाजपा का प्रत्याशी बताकर वोट अपील की जा रही थी। भाजपा के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी चेतन बरागटा के लिए तीन माह से वोट मांग रहे थे। लेकिन जब टिकट देने की बारी आई तो मंडल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को विश्वास में लिए बिना टिकट किसी और को दिया गया। जिसके चलते चेतन बरागटा काफी नाराज दिख रहे हैं, यही कारण हैं कि उन्होंने निर्दलीय अपना पर्चा भरा।

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