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रिटायर्ड कर्नल बन 20 साल से कर रहा था ठगी, अब इस तरह आया पकड़ में...

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में एक ठगी का मामला सामने आया है। ठगी करने वाला युवक खुद को रिटायर्ड कर्नल बताकर लोगों को ठगता था। वह साल 2000 से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

रिटायर्ड कर्नल बन 20 साल से कर रहा था ठगी, अब इस तरह आया पकड़ में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में एक ठगी का मामला सामने आया है। ठगी करने वाला युवक खुद को रिटायर्ड कर्नल बताकर लोगों को ठगता था। वह साल 2000 से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब साइबर सेल और मनाली पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि पुलिस थाना मनाली में एक ऐसा ही ठगी का मामला दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मनाली से किसी व्यक्ति ने उसे फोन किया और बताया कि वो बीआरओ से रिटायर्ड कर्नल है। बीआरओ (BRO) के बहुत सारे काम देखता है और आजकल बीआरओ में जवानों के लिए और स्टोर के लिए काफी समान की खरीददारी होनी है जिसकी डिमांड बहुत बड़ी रहेगी और अगर आपने वो सामान बेचना है तो आप उससे संपर्क कर सकते हैं।

आपको बता दें कि उसने ये भी कहा कि मैं आपको समान का ठेका दिलवा दूंगा। बातचीत करने और डील करवाने के लिए उस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को दिल्ली से मनाली बुलाया और एक होटल में डील तय हुई। खुद को सेवानिवृत्त कर्नल बताने वाले व्यक्ति ने 25,000 रुपए नकद ले लिए और कहा कि आपको कोटेशन भेजता हूं। इसके बाद वो वहां से रफूचक्कर हो गया। उस दिन के बाद से उसका फोन बंद आने लगा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते ही साइबर सेल (Kullu Cyber Cell) की मदद ली और साइबर टीम ने आरोपी को मनाली पुलिस के साथ मिलकर धर दबोचा।

आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह वर्ष 2000 से अलग-अलग राज्यों में ठगी कर चुका है जिसमें मुंबई, पंजाब, चंडीगढ़, मोहाली, उत्तराखंड, हिमाचल में मंडी और कुल्लू में कई लोगों को निशाना बना चुका है। आरोपी ने यह भी बताया कि सबसे पहले इसने ठगी अखबारों में दी गई एड से शुरू की थी। वहां पर बहुत सारे लोगों की डिटेल मिल जाती थी और वो लोगों को फोन करके बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से ठगी का शिकार बनाता था। धीरे-धीरे उसने काफी सारी चीजें सीखने के बाद हर घटना के बाद नंबर बदलना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार वह लोकेशन भी बदलता था और बड़ी ठगी करने की बजाय छोटी-छोटी ठगी को अंजाम देता था ताकि पुलिस भी मामला दर्ज न करें और अगर कहीं पकड़ा भी जाए तो आपस में ही मामला रफा दफा हो जाए। घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी ने कई फर्जी मेल आईडी भी बनाई थी जो बीआरओ के नाम से थी और फर्जी स्टैंप और फर्जी लेटरहेड पेड भी बनाया था। जिसस वह भोले भाले लोगों का आसानी से ठग लेता था।

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