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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का अभिभावकों ने दिया जवाब, अब तक 2500 छात्रों ने छोड़े स्कूल

हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के बीच लगभग 2500 छात्रों ने प्राइवेट स्कूलों (Private school) को छोड़ दिया है। पिछले साल से ही अभिभावक (Guardian) स्कूलों की मनमानी से परेशान थे।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का अभिभावकों ने दिया जवाब, अब तक 2500 छात्रों ने छोड़ा स्कूल
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के बीच लगभग 2500 छात्रों ने प्राइवेट स्कूल (Private school) को छोड़ दिया है। पिछले साल से ही अभिभावक (Guardian) स्कूलों की मनमानी से परेशान थे। अब दोबारा बढ़ रहे मामलों को देखते हुए अभिभावकों ने ये फैसला लिया है। आपको बता दें कि कोरोना संकट (Corona crisis) के बीच प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस से गुस्साए अभिभावकों ने सरकारी स्कूलों को अधिमान दिया है। कक्षा 6 से कक्षा 12 तक अभी एक लाख बीस हजार 156 विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं। ऊना जिले में सबसे ज्यादा छात्रों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़ने का काम किया है। ऊना जिले में 1161 छात्रों ने प्राइवेट स्कूल छोड़ दिए है।

आपको बता दें कि वर्ष 2020 के मार्च से शुरू हुए कोरोना संकट के चलते प्रदेश में शिक्षण संस्थान बंद हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई ही हो रही है। प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर बीते वर्ष पूरे प्रदेश में खूब हल्ला हुआ था। प्राइवेट स्कूलों पर मनमानी फीस लेने के अभिभावकों ने आरोप लगाए थे। सरकार ने अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए कोरोना संकट के दौरान प्राइवेट स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस ही देने के लिए कहा था।

लेकिन अक्तूबर 2020 के दौरान मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद सरकार ने सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के आदेश वापस ले लिए थे। स्कूलों के बंद होने के बावजूद कई प्राइवेट स्कूलों ने कई तरह के फंड वसूलना अभिभावकों से शुरू किए। यहां तक की माफ की गई ट्यू्शन फीस भी कई प्राइवेट स्कूलों ने लेना शुरू कर दी। इसको लेकर राज्य विधानसभा का घेराव भी हुआ लेकिन बात नहीं बनी। अब नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने पर भी स्कूल बंद ही रहने पर कई अभिभावकों ने ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिले दिलाए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षक हैं। कई प्रकार की सुविधाएं यहां निशुल्क दी जा रही हैं। इस वर्ष निजी स्कूलों को छोड़कर आने वाले छात्रों की की संख्या काफी अच्छी है। प्रदेश में प्राइवेट स्कूल छोड़ने वालों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है।

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