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Covid-19: हिमाचल में अब 18 प्लस को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं करानी होगी स्लॉट बुकिंग

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन (Vaccine) लगाने के लिए स्लॉट बुकिंग (Booking) नहीं करानी पड़ेगी। 21 जून के बाद अब बिना स्लॉट बुकिंग के सभी को वैक्सीन केंद्रों पर टीका उपलब्ध होगा।

Covid-19: हिमाचल में अब 18 प्लस को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं करानी होगी स्लॉट बुकिंग
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन (Vaccine) लगाने के लिए स्लॉट बुकिंग (Booking) नहीं करानी पड़ेगी। 21 जून के बाद अब बिना स्लॉट बुकिंग के सभी को वैक्सीन केंद्रों पर टीका उपलब्ध होगा। इससे जहां वैक्सीनेशन (Vaccination) को बढ़ावा मिलेगा, वहीं ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीनेट होंगे। राज्य के पास अब भी 45 साल से ऊपर के लोगों के लिए सात लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। ऐसे में 21 जून के बाद अब सभी एक ही कैटेगरी में आ जाएंगे और यह सात लाख डोज 18 से 44 साल वालों को भी लगना शुरू हो जाएंगी।

आपको बता दें कि हिमाचल में अभी 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए पहले स्लॉट बुकिंग करवानी पड़ती है। बिना स्लॉट बुकिंग के किसी को भी सेंटर में वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। युवाओं को स्लॉट बुक करवाने के लिए भी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। कइयों की शिकायत है कि स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं और उनका वैक्सीन लगाने में नंबर आएगा या नहीं, यह सबसे बड़ी दुविधा है।

हालांकि अब यह झंझट खत्म होने वाला है। युवाओं को स्लॉट बुकिंग करवाने के झंझट से राहत मिलने जा रही है। अभी 21 जून से पहले जो सेशन होने हैं, उनके लिए तो स्लॉट बुकिंग करवानी होगी, लेकिन 21 के बाद नहीं। मौके पर जाकर ही वैक्सीन के लिए रजिस्टर करवा सकते हैं। जिस तरह 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मौके पर जाकर ही रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद वैक्सीन लग रही है, वैसे ही 18 से 44 साल की आयु वर्ग के लोगों को लग जाएगी। 21 जून के बाद सभी कैटेगरी एक हो जाएंगी और एक ही वैक्सीन की खेप आएगी।

आपको बता दें कि 21 जून के बाद से हिमाचल में रोजाना वैक्सीनेशन के सेशन का आयोजन किया जाएगा। अभी हिमाचल में रोजाना 266 केंद्रों में वैक्सीन लगाई जाती है, लेकिन 21 जून के बाद से जब रोजाना वैक्सीनेशन कार्यक्रम होगा, तो केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इन्हें 500 तक कर दिया जाएगा, ताकि वैक्सीन लगाने में किसी तरह की दिक्कत न आए। सेंटरों में ज्यादा भीड़ न उमड़े, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

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