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खराब सामान से बनाया भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल, अधिकारी भी हुए गदगद

एसडीएम ने कहा कि अध्यापक द्वारा बनाए भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल को देखकर लगता है कि पूरे भारत का भ्रमण खंड शिक्षा कार्यालय नगूरां में हो चुका है। उसकी दिल से इच्छा है कि कभी उसके बच्चों को भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लाकर उक्त भारत के मानचित्र के वर्किंग मॉडल को अपनी आंखों से देखे।

खराब सामान से बनाया भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल, अधिकारी भी हुए गदगद
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नगूरां गांव के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल देखते एसडीएम प्रीतपाल।

हरिभूमि न्यूज. जींद (अलेवा)

नगूरां गांव के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पेगां गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के अध्यापक ईश्वर दलाल द्वारा खराब सामान से बनाया भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल अदभुत नजारा पेश कर रहा है। स्वयं इस बात जिक्र खंड कार्यालय नगूरां पहुंचे उचाना के एसडीएम प्रीतपाल ने उक्त भारत के मानचित्र के वर्किंग मॉडल का कई बार व्याख्यान अपनी बातों में किया।

एसडीएम ने कहा कि अध्यापक द्वारा बनाए भारत के मानचित्र का वर्किंग मॉडल को देखकर लगता है कि पूरे भारत का भ्रमण खंड शिक्षा कार्यालय नगूरां में हो चुका है। उसकी दिल से इच्छा है कि कभी उसके बच्चों को भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लाकर उक्त भारत के मानचित्र के वर्किंग मॉडल को अपनी आंखों से देखे। खंड शिक्षा अधिकारी को कहा कि इस प्रकार के मानचित्र हर स्कूल में होने चाहिए ताकि बच्चों को एक प्रेकिटल के तौर पर भौगोलिक ज्ञान हो सके।

मानचित्र किस प्रकार बनाया के बारे मे पूछने पर पेगां गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के अध्यापक ईश्वर दलाल ने बताया कि उसकी डयूटी धनखेड़ी गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में थी। इस दौरान बच्चों को भारतीय मानचित्र के बारे में बता रहे थे, लेकिन बच्चों के कुछ समझ में नही आ रहा था। जिससे लगा क्यों न इससे मूर्त रूप देकर बच्चों के सामने लाए जाए। उसकी दिन से उसने ठान लिया कि बच्चों को एक प्रेक्टिल रूप में भारत के मानचित्र के वर्किंग मॉडल के रूप में दर्शन कराएं जाएं। उसी दिन से खराब सामान से उसने नगूरां गांव के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भारत के मानचित्र को वर्किंग मॉडल को एक मूर्त रूप देना शुरू कर दिया।

इस काम में अध्यापकों के अलावा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को विशेष सहयोग रहा है। आज इसी का परिणाम है कि आसपास के स्कूल के बच्चे जब भी किसी भ्रमण को निकलते हैं तो खंड शिक्षा कार्यालय नगूरां में एक बार भारत के मानचित्र के वर्किंग मॉडल के रूप में साक्षात दर्शन जरूर करते हैं।

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