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हरियाणा में लॉकडाउन लगेगा या नहीं ? विज बोले- लोग जितनी लापरवाही करेंगे, हम उतनी ज्यादा सख्ती करेंगे

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। हमारे यहां 70 फीसदी से ज्यादा मरीज अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। इनकी संख्या भी अच्छी खासी है लेकिन बैड आदि को लेकर कोई दिक्कत नहीं हैं।

हरियाणा में लॉकडाउन लगेगा या नहीं ? विज बोले- लोग जितनी लापरवाही करेंगे, हम उतनी ज्यादा सख्ती करेंगे
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अधिकारियों की बैठक लेते मंत्री अनिल विज।

"कोविड-19" ने इन दिनों भयंकर रूप धारण कर लिया है। अब लोगों में चिंता में भय का माहौल शुरू हो गया है। हरियाणा की सीमा से लगती राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लग जाने के बाद हरियाणा के लोगों और मजदूरों में हड़कंप का माहौल बन गया है। राज्य के खासतौर पर एनसीआर के जिलों में लगातार अच्छे खासे मामले सामने आने लगे हैं, यहां तक की राज्य में 275 लगभग यूके स्ट्रेन वाले पाॅजिटिव मामले सामने आए हैं, जिसको लेकर सेहत विभाग के आला अफसरों में ज्यादा चिंता व्याप्त है क्योंकि इसका फैलाव बहुत ही तेजी के साथ में होता है।

अफवाहों और लाकडाउन के डर से अपने गांवों को लौटने वाले मजदूरों को लेकर एक बार फिर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृह मंत्री अनिल विज ने आश्वस्त किया है कि वे किसी बात से डरे नहीं। हमारा लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम है। हमने प्रदेश स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग कमेटियों, जिला स्तरीय़ कमेटी का गठन किया है, जिसमें टॉप के वरिष्ठ आईएएस अफसरों को शामिल किया गया है। इसके अलावा जिलों में उपायुक्त और एसपी समन्वय के साथ कोर्ट के मामलों पर नजर रखेंगे।

अनिल विज का कहना है कि राज्य में रिकॉर्ड सैंपलिंग की जा रही है। हमारे यहां 70 फीसदी से ज्यादा मरीज अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। इनकी संख्या भी अच्छी खासी है लेकिन बैड आदि को लेकर कोई दिक्कत नहीं हैं। घरों में हमारी टीम में इन पर नजर रखे हुए है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि प्रदेश और जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी सरकारी निजी दोनों अस्पतालों पर नजर रखे हुए हैं। इनमें बेड दवाओं और बाकी इंतजामों को लेकर भी मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी प्रकार से मरीजों और लोगों को दिक्कत नहीं हो। एहतियात के तौर पर राज्य में सभी शिक्षण संस्थान और कोचिंग आदि बंद कर दिए गए थे।

एनसीआर के जिलों में ज्यादा मामले

हरियाणा के सेहत मंत्री अनिल विज ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री लगातार वहां पर इंतजामों का रोना रो रहे हैं। इसमें सियासत नहीं होनी चाहिए, केजरीवाल जितना पैसा अंधाधुन प्रचार पर खर्च कर रहे हैं, यह सारा पैसा लोगों की सुविधा उपचार बेड दवाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। अभी भी हरियाणा में 50 फ़ीसदी मरीज दिल्ली का आ रहा है लेकिन हम किसी को उपचार के लिए अथवा भर्ती करने से इनकार नहीं करेंगे। एनसीआर के जिलों में खासतौर पर गुरुग्राम फरीदाबाद वह इनसे लगते जिलों में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण है जिन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

हरियाणा में यूके स्ट्रेन का प्रवेश

हरियाणा में कोविड-19 रमन का रूप दिनोंदिन भयानक होता जा रहा है और दर्जनभर मामले यूके सट्रेन के आगे हैं। जिसमें से दो मामले गुरुग्राम में और 10 मामले करनाल में पाए गए हैं लेकिन राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में बेहद गंभीरता से कदम उठा रहा है, लोगों को किसी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है।

हरियाणा में 50 फ़ीसदी मरीज बाहर के : अनिल विज

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि प्रदेश में 50 फ़ीसदी पेशेंट दिल्ली के आ रहे हैं। खास तौर पर गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे जिलों में ज्यादा दिक्कत है। लेकिन प्रचार प्रसार पर भरी पैसा खर्च कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यह पैसा दवाओं की खरीद और इंतजाम पर खर्च करना चाहिए। गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि विपक्ष की ओर से इस समय संसाधनों का रोना रोया जा रहा है। यह वर्क सियासत का नहीं है बल्कि बेहद नाजुक और संभलकर चलने का है। पुलिस का कहना है कि कोविड-19 क्रमण और महामारी के इस दौर में आरोप प्रत्यारोप ने लगाकर अपने-अपने प्रदेशों मे लोगों को स्थिति संभालने का काम प्राथमिकता से करना चाहिए ।

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