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Gurnam Singh Chadhuni : आखिर क्या थी गुरनाम चढूनी को सात दिन के लिए सस्पेंड करने की वजह

संयुक्त किसान मोर्चा की जनरल बाडी मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। फैसले के अनुसार फिलहाल सात दिन तक चढ़ूनी मोर्चा का मंच इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और न ही कोई बयान दे सकते हैं।

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किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को आंदोलन से सस्पेंड कर दिया है। मोर्चा की जनरल बाडी मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। फैसले के अनुसार फिलहाल सात दिन तक चढ़ूनी मोर्चा का मंच इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और न ही कोई बयान दे सकते हैं।

क्या थी वजह

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल की अध्यक्षता में बुधवार को मोर्चा की जनरल बाडी की बैठक हुई थी। राजेवाल ने बताया कि पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों के साथ-साथ आंदोलन में शामिल अन्य जत्थेबंदियों ने भी चढ़ूनी के खिलाफ शिकायत दी थी। चढ़ूनी पिछले कुछ दिनों से मिशन पंजाब को लेकर आंदोलन में शामिल पंजाब के जत्थेबंदियों को वहां चुनाव लड़ने के लिए उकसा रहे थे। मना करने के बावजूद राजनीतिक बयानबाजी करने पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बात नहीं मानी और लगातार चुनाव लड़ने को लेकर व राजनीतिक बयानबाजी कर रहे थे। इसे देखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लेकर उन्हें सात दिन के लिए सस्पेंड किया गया है। राजेवाल ने कहा कि हमलोग मोर्चा लड़ने आए हैं, चुनाव नहीं।

क्या बोले गुरनाम सिंह चढूनी

संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने साफ कहा कि वह अपने बयान पर आज भी कायम हैं। संयुक्त किसान मोर्चा का यह फैसला पूरी तरह गलत है, क्योंकि किसी की विचारधारा के लिए कोई दबाव नहीं दे सकता। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि मिशन यूपी करना है तो मिशन पंजाब भी करना पड़ेगा और आंदोलन जीतने के लिए रणनीति भी बदलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं पहले ही मंच पर कम जाता था और मुझे मंच का कोई लालच नहीं है। इस तरह से संयुक्त किसान मोर्चा में हरियाणा व पंजाब के नेताओं के बीच खुलकर खींचतान होती दिख रही है।




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